विरेन्द्र शर्मा/न्यूज़11 भारत
बरही/डेस्क: केंद्र सरकार के "100 डे टीबी मुक्त भारत अभियान" के तहत चौपारण प्रखंड के चोरदहा पंचायत स्थित अहरी गांव में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया. जिला यक्ष्मा पदाधिकारी, हजारीबाग एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौपारण के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के निर्देश पर शिविर में संभावित टीबी मरीजों की पहचान के लिए विशेष स्क्रीनिंग की जा रही है.
एक्स-रे और अन्य जांच
शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा मरीजों का एक्स-रे कर टीबी की जांच की जा रही है. इसके साथ ही मरीजों का बीपी, शुगर और हीमोग्लोबिन की भी जांच की जा रही है ताकि अन्य बीमारियों की भी समय पर पहचान हो सके.
स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों को टीबी के लक्षण, बचाव और समय पर इलाज के बारे में जागरूक किया. उन्होंने कहा कि खांसी 2 सप्ताह से अधिक होने, वजन घटना और बुखार आने पर तुरंत जांच करानी चाहिए. टीबी का इलाज पूरी तरह निशुल्क है.
लक्ष्य - टीबी को जड़ से खत्म करना
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 100 डे टीबी मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य चिन्हित क्षेत्रों में टीबी के मरीजों को खोजकर उनका शीघ्र इलाज शुरू करना है, ताकि वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाया जा सके.
शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर स्वास्थ्य जांच कराई. स्वास्थ्य टीम ने कहा कि चिन्हित मरीजों को आगे आवश्यक इलाज और पोषण सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी. इस अवसर पर स्वास्थ्य कर्मी, आशा कार्यकर्ता और पंचायत प्रतिनिधि मौजूद थे.
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