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रांची/डेस्क: 14वीं जेपीएससी परीक्षा घोटाला मामले में टीएसआर के निदेशक रामबीर सिंह समेत तीन आरोपियों को कोर्ट से झटका लगा है. अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की कोर्ट ने रामबीर सिंह, सोनू कुमार और बृज कुमार राम की जमानत याचिका खारिज कर दी. सोनू कुमार जेपीएससी के परीक्षा नियंत्रक के सहायक और संयुक्त सचिव के निजी सहायक के रूप में कार्यरत था. वहीं बृज कुमार राम जेपीएससी के एक सदस्य का निजी सहायक था.
कोर्ट ने कहा कि केस डायरी, सह-अभयुक्तों के बयानों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों से प्रथम दृष्टया ओएमआर शीट में हेरफेर और परीक्षा प्रणाली में सेंधमारी जैसे गंभीर आरोप साबित होता है. कोर्ट ने रेखांकित किया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में संगठित धांधली से न केवल राज्य को वित्तीय नुकसान होता है, बल्कि हजारों ईमानदार अभ्यर्थियों के भविष्य और सार्वजनिक विश्वास को गहरी ठेस पहुंचती है. सीआईडी ने रामबीर सिंह को 22 जुलाई, सोनू कुमार को 26 जुलाई और बृज कुमार को 17 अगस्त को गिरफ्तार किया था. तब से तीनों न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है.
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