प्रेम कुमार सिंह/न्यूज 11 भारत.
भरनो/डेस्क: प्लस टू हाई स्कूल भरनो के मैदान में शुक्रवार को सरना प्रार्थना सभा प्रखंड कमेटी भरनो के तत्वावधान में करमा पूर्व संध्या समारोह 2026 का भव्य आयोजन किया गया.समारोह में भरनो प्रखंड के सभी पंचायतों से लगभग 300 खोड़हा दल पारंपरिक वेशभूषा में मांदर,नगाड़ा और अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ शामिल हुए. कार्यक्रम स्थल पर पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों से पूरा वातावरण आदिवासी संस्कृति और उल्लास से सराबोर हो गया.समारोह में सभी खोड़हा दलों ने अपने-अपने पारंपरिक गीत एवं नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी. मांदर की थाप और सामूहिक नृत्य ने उपस्थित लोगों को देर तक झूमने पर मजबूर कर दिया.
विधायक जिग्गा सुसारन होरो ने किया नगाड़ों का वितरण
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक जिग्गा सुसारन होरो एवं अन्य अतिथियों ने सभी खोड़हा दलों के बीच नगाड़े का वितरण किया.नगाड़ा मिलने पर खोड़हा दलों के सदस्यों में खासा उत्साह देखने को मिला.कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विधायक जिग्गा सुसारन होरो ने कहा कि करमा पर्व आपसी भाईचारगी,प्रेम और एकजुटता का संदेश देता है.यह पर्व हमारे पूर्वजों की धरोहर है,जिसे आने वाली पीढ़ियों के लिए संजोकर रखने की जरूरत है.करमा पर्व हमारी सभ्यता,संस्कृति और परंपरा से जुड़ा हुआ पर्व है,जो हमें अपनी जड़ों और पूर्वजों की परंपराओं की याद दिलाता है.
करमा एक प्रकृति पर्व, करम डाली को अखरा में स्थापित कर विधि-विधान से की जाती है पूजा-अर्चना
उन्होंने कहा कि करमा एक प्रकृति पर्व है.इस पर्व में करम की डाली को अखरा में स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है. इसके बाद लोग रातभर मांदर की थाप पर पारंपरिक गीत और नृत्य करते हुए एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटते हैं. उन्होंने सभी लोगों से आपसी मतभेद भुलाकर मिल-जुलकर और भाईचारगी के साथ करमा पर्व मनाने की अपील की.समारोह के दौरान विधायक जिग्गा सुसारन होरो ने स्वयं करम गीत गाया,जिससे कार्यक्रम में मौजूद लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला.
विधायक मांदर की थाप पर अतिथियों के साथ थिरके
इसके बाद विधायक ने मांदर की थाप पर अन्य अतिथियों के साथ पारंपरिक नृत्य भी किया. विधायक को पारंपरिक नृत्य में शामिल होते देख कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोग भी उत्साह के साथ नृत्य करने लगे.मौके पर कमेटी के अध्यक्ष जयराम उरांव ने कहा कि करमा पर्व प्रकृति और मानव के बीच गहरे जुड़ाव का संदेश देता है.यह पर्व हमारी सामाजिक एकता,संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है. उन्होंने सभी लोगों से करमा पर्व को आपसी प्रेम और भाईचारगी के साथ मनाने की अपील की.इस मौके पर पंचू उरांव,बुद्धदेव उरांव,ग्राम प्रधान प्रखंड अध्यक्ष बंधना उरांव समेत अन्य वक्ताओं ने भी करमा पर्व की महत्ता और आदिवासी समाज की संस्कृति एवं परंपराओं को संरक्षित रखने पर अपने विचार रखे.
आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली
कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य के माध्यम से आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली. समारोह ने करमा पर्व के प्रति लोगों में उत्साह और सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया.कार्यक्रम में भरनो थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह,विधायक प्रतिनिधि प्रकाश उरांव,निजी सहायक अभिषेक लकड़ा,बुद्धदेव उरांव,जेएमएम प्रखंड अध्यक्ष जॉनसन बड़ा,फूलकुमारी केरकेट्टा,राजेंद्र उरांव,आकाश उरांव,मंगरा उरांव,केडया उरांव,शमशाद खान,सोबराती अंसारी,राजेश्वरी उरांव,शांति उरांव,जयराम खड़िया,ओनिमा बड़ा,अनिल उरांव समेत सरना प्रार्थना सभा कमेटी के सभी सदस्य तथा प्रखंड के विभिन्न पंचायतों से आए हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे.
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