वीरेन्द्र शर्मा/न्यूज़ 11 भारत
बरही/डेस्क: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण - SIR को लेकर चौपारण प्रखंड में एक नया विवाद खड़ा हो गया है. प्रखंड की ताजपुर पंचायत के मरहेड़ी गांव में मुस्लिम समुदाय के ग्रामीणों ने कुछ लोगों पर फॉर्म-7 के माध्यम से मतदाता सूची से नाम हटवाने का प्रयास करने का गंभीर आरोप लगाया है.
ग्रामीणों के अनुसार, गांव के कुछ मतदाताओं के नाम फॉर्म-7 भरकर बीएलओ के माध्यम से जमा कराने की कोशिश की गई. ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह कार्य पंकज वर्णवाल, लोहारपट्टी निवासी रवि विश्वकर्मा और रिशु वर्णवाल द्वारा किया जा रहा है. हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
इस घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि बिना किसी ठोस कारण के उनके नाम मतदाता सूची से हटाने की साजिश रची जा रही है.
मामले को लेकर शुक्रवार को ताजपुर पंचायत के पूर्व मुखिया शौकत खान के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला यादव के साथ अंचल कार्यालय पहुंचे. वहां उन्होंने अंचल अधिकारी संजय यादव से मुलाकात कर पूरे मामले की लिखित जानकारी दी.
ग्रामीणों ने मांग की कि-
1. बिना स्थलीय जांच और सुनवाई के किसी भी वैध मतदाता का नाम सूची से न हटाया जाए.
2. जमा किए गए फॉर्म-7 की निष्पक्ष जांच कराई जाए.
शिकायत पर सीओ संजय यादव ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि संबंधित दस्तावेज बीडीओ को उपलब्ध कराएं. उन्होंने बताया कि इस मामले में कार्रवाई एआरओ - सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी के स्तर से की जाएगी.
वहीं पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला यादव ने कहा, "पूरे राज्य में SIR की प्रक्रिया चल रही है. मरहेड़ी में फॉर्म-7 के दुरुपयोग का मामला सामने आया है. यह लोकतांत्रिक अधिकार पर हमला है." उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नियमानुसार जांच कर दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई तो ग्रामीणों के साथ बीडीओ और प्रखंड कार्यालय का घेराव किया जाएगा.
फिलहाल प्रशासन ने मामले में जांच की बात कही है. फॉर्म-7 से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि यह प्रक्रिया नियमानुसार थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है.
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