मोहम्मद. वसीम/न्यूज़11 भारत
लातेहार/डेस्क: लातेहार जिला के प्रखंड महुआडांड़ के दुरूप पंचायत अंतर्गत दौना गांव के जंगल में मंगलवार की शाम जंगली हाथी ने आदिम जनजाति समुदाय के 57 वर्षीय तोबियस बिरिजिया को पटककर मार डाला. हाथी के हमले में उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गयी. घटना के बाद गांव में दहशत और मृतक के घर में मातम पसरा है. सबसे गंभीर स्थिति यह कि मृतक का शव रात में जंगल में ही पड़ा हुआ है. परिजन व ग्रामीण वन विभाग की टीम के पहुंचने का इंतजार कर रहे.
मृतक के पुत्र पंखराज बिरिजिया ने बताया कि मंगलवार दोपहर खाना खाने के बाद उनके पिता मक्का खेत की रखवाली करने गये थे. शाम करीब छह बजे खेत से घर लौटने के दौरान रास्ते में अचानक उनका सामना जंगली हाथी से हो गया. हाथी ने उन्हें पटककर मार डाला. घटना के दौरान आसपास के कुछ अन्य ग्रामीण भी खेतों की ओर गये हुए थे. हाथी को देखकर वे जान बचाकर भागे और गांव पहुंचकर ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी.
कुछ देर बाद ग्रामीण घटनास्थल की ओर पहुंचे, जहां तोबियस बिरिजिया का शव झाड़ियों में पड़ा मिला. ग्रामीणों ने शाम करीब सात बजे वन विभाग को घटना की सूचना दे दी थी.
हाथियों की मौजूदगी के बीच जंगल में पड़ा रहा शव
घटना का क्षेत्र बारेसांड़ वन विभाग के अंतर्गत आता है. ग्रामीणों के अनुसार सूचना देने के बावजूद देर रात तक वन विभाग की टीम घटनास्थल पर नहीं पहुंची है. परिजन भी शव के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं.
मृतक के पुत्र पंखराज ने कहा कि उनके पिता का शव जंगल में पड़ा है. शव को अपनी मर्जी से गांव तक लाना संभव नहीं है. वन विभाग की टीम के पहुंचने और सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही शव को जंगल से बाहर लाया जा सकेगा.
वन विभाग सुबह का इंतजार कर रहा, जंगल में पड़ा हुआ है शव
ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर जंगल में आदिवासी ग्रामीण का शव पड़ा हुआ है, वहीं दूसरी ओर हाथियों की मौजूदगी के कारण लोग भय में है. ग्रामीणों को आशंका है कि रात में हाथी या अन्य जंगली जानवर शव के पास पहुंच सकते हैं. इससे परिजनों की चिंता और बढ़ गयी है.
दौना गांव में हाथियों के संभावित प्रवेश को देखते हुए ग्रामीण रतजगा कर रहे हैं. ताकि हाथियों के गांव की ओर आने पर लोगों को समय रहते सचेत किया जा सके.
डीएफओ और रेंजर से नहीं हो सका संपर्क
घटना के संबंध में लातेहार के डीएफओ कुमार आशीष और बारेसांड़ रेंजर महेंद्र प्रसाद से मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन दोनों अधिकारियों का मोबाइल स्विच ऑफ था. ऐसे में वन विभाग की ओर से घटनास्थल पर टीम भेजने और शव को जंगल से बाहर निकालने की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी.
ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल घटनास्थल पर टीम भेजकर शव को सुरक्षित बाहर निकलवाने, हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है.