पंकज कुमार/न्यूज़11 भारत
गुमला/डेस्क: घाघरा थाना क्षेत्र का पुटो टोंगरी इन दिनों कथित जुए के खेल को लेकर चर्चा में है. स्थानीय लोगों के बीच दावा है कि यहां लंबे समय से जुए की गतिविधियां संचालित हो रही हैं और कथित तौर पर लोगों की आवाजाही भी बनी रहती है. यदि ग्रामीणों के ये दावे सही हैं, तो सबसे बड़ा सवाल घाघरा पुलिस की कार्यप्रणाली और सूचना तंत्र पर उठता है.
आखिर पुलिस की नजर से यह गतिविधि अब तक कैसे बची रही?
स्थानीय लोगों के अनुसार, पुटो टोंगरी में खुले तौर पर जुआ खेलाए जाने की चर्चा है. ऐसे में नियमित पुलिस गश्ती, स्थानीय मुखबिर तंत्र और क्षेत्र की निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है. हालांकि, जुआ संचालित होने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है.
कमीशन’ की चर्चा ने बढ़ाया रहस्य
मामले को लेकर क्षेत्र में कथित मैनेजमेंट और कमीशन पहुंचाए जाने जैसी चर्चाएं भी हैं. कुछ लोगों द्वारा एक बक्से की तस्वीर उपलब्ध कराकर उसमें रखी रकम को कथित कमीशन से जोड़ने का दावा किया जा रहा है. हालांकि रकम किसकी है, कहां से आई और इसका वास्तविक उद्देश्य क्या है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है. इसलिए इन दावों की निष्पक्ष जांच जरूरी है.
पुलिस के सामने अब कई सीधे सवाल
क्या पुटो टोंगरी में जुए की कोई शिकायत पुलिस तक पहुंची? क्या पुलिस ने कभी वहां छापेमारी या जांच की? यदि सूचना मिली थी तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और यदि आरोप गलत हैं तो पुलिस इसकी वास्तविक स्थिति सार्वजनिक क्यों नहीं करती स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, मौके पर सत्यापन और आरोप सही पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है. फिलहाल पुटो टोंगरी को लेकर उठे सवालों का जवाब पुलिस की जांच और आधिकारिक कार्रवाई से ही मिल सकेगा. अब देखना है कि घाघरा पुलिस इन आरोपों पर कार्रवाई करती है या मामला महज चर्चाओं तक सीमित रह जाता है.