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रांची/डेस्क: 15 वर्ष पुराने बहुचर्चित हत्याकांड मामले में आरोपी चोरेया उरांव को गवाह के अभाव में बरी कर दिया गया है. अपर न्यायायुक्त पवन कुमार की कोर्ट ने आरोपी चोरेया उरांव को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया. कोर्ट ने कहा कि बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद आईओ समेत अन्य महत्वपूर्ण गवाहों को पेश नहीं किया जा सका. मामला लापुंग थाना कांड संख्या 38/2011 से जुड़ा था. आरोपी ने पिछले दो साल से जेल में रहकर ट्रायल फेस किया. 16 जुलाई 2011 को राम उरांव खेत में सिंचाई का काम कर रहा था. उसी दौरान राम पर तीन ओर से गोलीबारी की गई, जिसमें वह घायल हो गया था. उसी दौरान हमलावर राम के घर पहुंचा और उनकी पत्नी शांति देवी की गोली मारकर हत्या कर दी. मामले में पीएलएफआई से जुड़े लोगों समेत सात आरोपियों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, दंगा, शस्त्र अधिनियम और सीएलए एक्ट की धाराओं में आरोपपत्र दाखिल हुआ था. कोर्ट ने 2024 से 2026 के बीच कई बार समन, पुलिस अधीक्षक और डीजीपी तक पत्र भेजकर गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का प्रयास किया. लेकिन आईओ समेत कोई गवाह पेश नहीं हुआ.
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