गौरव पाल/न्यूज़ 11 भारत
बहरागोड़ा/डेस्क: वित्त विभाग, झारखंड सरकार द्वारा आयोजित बजट-पूर्व गोष्ठी 2026–27 का आयोजन प्रोजेक्ट भवन, रांची में माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ. इस अवसर पर राज्य के विभिन्न वर्गों से प्राप्त जनहितकारी सुझावों पर विचार-विमर्श किया गया. इस कार्यक्रम में पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत ग्राम कुमारडुबी, प्रखंड बहरागोड़ा के निवासी एवं अधिवक्ता-सामाजिक कार्यकर्ता ज्योतिर्मय दास को अबुआ दिशोम बजट 2026–27 के लिए 12 विभागों से संबंधित जमीनी अनुभव आधारित सुझाव प्रस्तुत करने हेतु वित्त विभाग द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया.
अधिवक्ता ज्योतिर्मय दास द्वारा प्रस्तुत सुझावों में कृषि, ग्रामीण विकास, आदिवासी भूमि संरक्षण, महिला एवं बाल सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, ऊर्जा, परिवहन, पर्यटन, वंचित वर्ग कल्याण एवं ग्रामीण-आदिवासी क्षेत्रों में लघु उद्योग प्रोत्साहन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. ये सभी सुझाव गांव, खेत, आदिवासी क्षेत्रों, न्यायालयों एवं सामाजिक कार्य के प्रत्यक्ष अनुभवों पर आधारित हैं. सम्मान समारोह के दौरान पूर्व जिला परिषद सदस्य श्री अर्जुन पूर्ति, अधिवक्ता सुमित चंद्र पोद्दार एवं अधिवक्ता जगन्नाथ सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे.
पूर्व जिला परिषद सदस्य अर्जुन पूर्ति का बयान
इस अवसर पर अर्जुन पूर्ति ने कहा “अधिवक्ता ज्योतिर्मय दास द्वारा दिए गए सुझाव वास्तव में गांव, गरीब और आदिवासी समाज की वास्तविक ज़रूरतों की आवाज़ हैं. यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे ग्रामीण समाज की सोच और संघर्ष का सम्मान है. ऐसे सुझाव यदि बजट में शामिल होते हैं, तो झारखंड का विकास वास्तव में समावेशी होगा.”
सम्मान प्राप्त करने के पश्चात अधिवक्ता ज्योतिर्मय दास ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए नहीं, बल्कि गांव, किसानों, महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों की आवाज़ को पहचान मिलने का प्रतीक है. उन्होंने विश्वास जताया कि अबुआ दिशोम बजट 2026–27 के माध्यम से राज्य सरकार जनहितकारी और ज़मीनी विकास को नई दिशा देगी.
यह आयोजन झारखंड में जनभागीदारी आधारित बजट निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है.
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