न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क
रोहित/पटना: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बारे में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से ज्ञानेश कुमार को नमूना बना कर वोट चोरी हुई है, यह काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने किया है।
ज्ञानेश कुमार को वोट चोरी के लिए ही बैठाया गया था। इसके खिलाफ कल दिल्ली में विपक्षी दलों के सारे सांसद का विरोध मार्च है। विरोध मार्च के बाद सभी विपक्षी दल राष्ट्रपति से मिलने जाएंगे।
उन्होंने कहा कि SIR बिहार से ही शुरू हुआ था। जिस तरह से बिहार में धांधली हुई हम लोग लगातार कहते थे चुनाव आयोग ईमानदारी से काम नहीं कर रहा है। जो हमलोग लगातार कह रहे थे वोट चोरी हुई है वो अब सामने आ रहा है।
ज्ञानेश कुमार पर पद से जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो सकती। पहले मुख्य चुनाव आयुक्त के सिलेक्शन में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया भी शामिल होते थे।
ज्ञानेश कुमार लगातार नरेंद्र मोदी के इशारे पर काम करते रहे हैं। बिहार हो या फिर बंगाल का चुनाव जबरदस्त धांधली हुई है। क्या कर रहा था चुनाव आयोग जब ₹10000 खाते में भेजे जा रहे थे। बिहार लोकतंत्र की जननी है और वहीं से भाजपा के लोगों ने लोकतंत्र खत्म करने की शुरुआत की है।
हम संविधान और लोकतंत्र में भरोसा रखने वाले लोग हैं हम किसी कीमत पर लोकतंत्र खत्म नहीं होने देंगे। हम लोगों ने तय किया है कि हम लोग एक साथ सड़क पर उतरेंगे।
ज्ञानेश कुमार, नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ 7 तारीख को सभी इंडिया गठबंधन के लोग हर प्रखंड में आक्रोश मार्च निकलेंगे। उसके बाद 8 तारीख को सभी जिला मुख्यालय पर महागठबंधन के साथी धरना प्रदर्शन करेंगे और साथ ही साथ पटना में हम सारे नेता विधायक जनप्रतिनिधि, सारे लोग सड़क पर रहेंगे। 8 अक्टूबर को इंडिया गठबंधन का विधानसभा के समक्ष सप्त मूर्ति के पास से राज भवन मार्च शुरू होगा।