अरुण कुमार यादव/न्यूज11 भारत
गढ़वा/डेस्क: गढ़वा जिले के खरौन्धी प्रखंड के खरौन्धी पंचायत में बिरसा सिंचाई कूप संवर्धन योजना में लाखों रूपये के फर्जीवाड़ा की मामला सामने आई है. गढ़वा जिले के खरौन्धी प्रखंड के खरौन्धी पंचायत में एक बड़ी फर्जीवाड़ा की मामले सामने आएं हैं , जहाँ खरौन्धी पंचायत के 15 वैसे लाभुक जिनको झारखंड सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं में से एक योजना बिरसा सिचाई कूप संवर्धन के तहत वैसे किसानों को यह कूप निर्माण का लाभ दिया जाता है जिन्हें खेतोँ को सिंचित किया जाए जहाँ किसान अपने खेतों को हरी भरी फसल की अच्छी उपजाने में कोई बाधा न उत्पन्न हो, लेकिन यह कूप योजना को पूर्ण करने में बाधा ही बाधा है, यह कूप निर्माण के लाभुकों का कहना है कि सबसे पहले योजना को स्वीकृति के लिए सबसे पहले ग्राम पंचायत के मुखिया जी को 20 हजार से लेकर 50 हजार तक का चढ़ावा चढ़ाना पड़ता है,उसके बाद शुरू होता भ्रष्टाचार का खेल, जहाँ योजना में कार्य करने वाले मजदूरों का भुगतान का डिमांड करने में 10% देना पड़ता है, तो वहीं पंचायत के अलग-अलग टोले के कूप निर्माण के 15 लाभुकों के सामग्री के लिए सरकार के द्वारा अग्रिम सामग्री की राशि भेंडर के खाते में 50-50 हजार रुपए तो आए लेकिन वह राशि कूप निर्माण के लिए न तो सामग्री उपलब्ध हुई और नही नगद मिली यानी की वह राशि बदरबाँट हो गई या फर्जीवाड़ा हो गई इसकी जानकारी लाभुक तक नही पहुँच पाई.
खेल अभी यहीँ खत्म नहीं हुआ है, भुगतान के डिमांड के बाद योजना में लगने वाली सामग्री की भुगतान लेने में या सामग्री लेने में लाभुकों पसीना छूट जाता है, प्रखंड कार्यालय तक चढ़ावा ही चढ़ावा है. अंत में कूप निर्माण में राशि नहीं मिलने पर कूप निर्माण के लाभुक कुआँ को मिट्टी भरकर प्लेन कर दिया और अब उसके ऊपर खेती करना शुरू कर दिए,
बता दें कि यह वही खरौन्धी पंचायत है जहाँ के मुखिया अंजू देवी को गढ़वा उपायुक्त के द्वारा गलत कार्य के लिए वित्तीय शक्ति जब्त करते हुए 6 माह के लिए कर्यवाई भी हो चुकी है. वहीं इस मामले पर जब NEWS11 भारत की टीम खरौन्धी पंचायत के मुखिया पर भ्र्ष्टाचार के आरोप एवं 50-50 हजार रूपये की सामग्री की राशि की फर्जीवाडा पर सवाल पूछे जाने पर कहा की यह सभी आरोप निराधार है. वहीं इस मामले पर गढ़वा उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने कहा की मामला अभी सामने आई है,इसको मैं जाँच करवा कर, अगर जाँच में मामले सही पाए जाते हैं तो राशि की वसूली के साथ प्रथमिकी भी दर्ज होगी.
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