अरुण कुमार यादव/न्यूज11 भारत
गढ़वा/डेस्क: गढ़वा जिले में कूटकू मंडल डैम के विस्थापितों को रंका अनुमंडल के विश्रामपुर पंचायत के बरवाहा टोला के एक हजार एकड़ के भूमि पर बसाने का विवाद गहराते जा रहा है. पहले यह विवाद ग्रामीणो और जिला प्रशासन के बीच थी लेकिन अब ग्रामीणों को भाजपा विधायक का साथ मिल गया है जिससे अब ग्रामीणों में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है अब ग्रामीण जिला प्रशासन से आरपार की लड़ाई के मूड में है. सात मार्च को इसी जमीन पर जिला प्रशासन और ग्रामीणों की झड़प हुई थी जिसमे पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा था तब से यंहा के ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है.
गौरतलब है की कूटकू मंडल डैम के विस्थापितों को बसाने के लिए जिला प्रशासन ने इसी जमीन को चिन्हित किया है ताकि कूटकू के 780 परिवारों को यंहा बसाया जा सके लेकिन स्थानीय ग्रामीण इसका विरोध कर रही है. इसी को लेकर आज गढ़वा-रंका विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी बरवहा टोला पहुंचे. जहां स्थानीय ग्रामीणों ने पुरे विधि विधान से उनका मांदर की थाप पर स्वागत किया. मंच पर पहुंचने के बाद उनका परामप्रीक तरीके से पलाश के फूल से बने बुके एवं सखुवा के पत्ते से बने टोपी पहनाकर उनका स्वागत किया.
मौके पर स्थानीय ग्रामीण एवं पुलिस के बिच हुए झड़प से घायल पीड़ित ग्रामीणों ने गढ़वा विधायक के सामने अपनी-अपनी समस्या को रखा. ग्रामीणों ने गढ़वा विधायक को आपबीती बताते हुए राजेंद्र बड़ाइक ने कहा की जिस तरह से एक छोटे से सवाल पर हमलोगो की पिटाई की गई है वैसे अधिकारियो एवं पुलिस पर कार्यवाई की जाए. एक अन्य ग्रामीण सुरेश उरांव ने कहा की हम अपना दुःख तकलीफ बता रहे है विधायक को हम किसी भी क़ीमत पर विस्थापितों को घुसने नहीं देंगे. वहीं गढ़वा विधायक सतेंन्द्रनाथ तिवारी ने कहा की झारखण्ड मे ज़ब पेसाकानून एक्ट लागू है तो फिर अनुसूचित जाती वर्ग के लोगो को गैर अनुसूचित गांव मे क्यों बसाए जा रहे है इसको जिला प्रशासन को स्पष्ट रूप से लोगो को बताना चाहिए.
उन्होंने कहा की बिना ग्राम सभा के एक हजार एकड़ वन भूमि मे 780 परिवारों को बसाने की योजना बनाई है ज़ब इस बाबत सात मार्च को डीसी एसपी और वरीय पदाधिकारी के आने पर निर्दोष ग्रामीणों को बिना कसूर के पीटा गया ए कंही से बर्दास्त लायक नहीं है, साथ ही उन्होंने कहा की इसको लेकर जिला से लेकर केंद्र तक बाते पहुंचाई जाएगी फिर भी यदि कोई निष्कर्ष नहीं निकलता है तो स्थानीय ग्रामीणों के साथ आंदोलन भी किया जाएगा. उन्होंने कहा की पिटाई के बाद ग्रामीणों का इलाज तक नहीं करा पाई है प्रशासन हम सभी का इलाज निजी खर्च पर कराऊंगा.
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