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रांची/डेस्क: रांची में पेयजल विभाग के अनुबंध कर्मी संतोष कुमार के मामले में ईडी और रांची पुलिस के बीच जारी विवाद अब झारखंड हाईकोर्ट तक पहुंच गया हैं. ईडी ने रांची पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ क्रिमिनल रिट याचिका दाखिल की है और मामले में सीबीआई जांच की मांग की हैं.
हाईकोर्ट ने रांची पुलिस की जांच पर पहले से लगी रोक को बरकरार रखते हुए राज्य सरकार को समय की मांग स्वीकार करने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी को हैं. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि रांची पुलिस द्वारा की जा रही जांच को फिलहाल रोक रखा जाए. कोर्ट ने निर्देश दिया था कि ईडी कार्यालय की सुरक्षा बीएसएफ या सीआईएसएफ के माध्यम से सुनिश्चित की जाए. साथ ही, राज्य सरकार को सात दिन के भीतर और प्राइवेट रिस्पॉन्डेंट संतोष कुमार को 10 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया था. केंद्रीय गृह सचिव और संतोष कुमार को इस मामले में पार्टी बनाने का भी आदेश दिया गया.
ईडी पेयजल विभाग में गड़बड़ी की जांच कर रही हैं. इसके तहत संतोष कुमार को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया था. पूछताछ के दौरान कथित तौर पर मारपीट किए जाने का आरोप ईडी के अधिकारियों पर लगा, जिस पर एयरपोर्ट थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई. इस प्राथमिकी की जांच रांची पुलिस कर रही थी. 15 जनवरी को रांची पुलिस ने ईडी कार्यालय में प्रवेश कर जांच की थी, जिसे ईडी ने अवैध कार्रवाई बताते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
राज्य सरकार की ओर से फाइल किया गया आईए
राज्य सरकार ने केस को लेकर कोर्ट में अपनी दलील पेश की हैं. सरकार की ओर से कहा गया कि मामले की सुनवाई रोस्टर के अनुसार दूसरे कोर्ट में होनी चाहिए. इसी के साथ राज्य सरकार ने केस को दूसरे कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग भी की. कोर्ट ने इस पर कहा कि मामला सीबीआई से भी जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी सुनवाई संवेदनशील है और इसे ध्यान से देखना जरूरी हैं.
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