सुरेन्द्र प्रसाद/न्यूज़11 भारत
बोकारो/डेस्क: बोकारो में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक यानी MMDR Bill के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने आंदोलन तेज कर दिया है. सुनता पंचायत में बूथ स्तर तक जन-जागरण अभियान चलाकर ग्रामीणों को विधेयक के संभावित प्रभावों की जानकारी दी गई. झामुमो ने अब 7 सितंबर को सभी प्रखंड मुख्यालयों में विशाल धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है.
सुनता पंचायत में बूथ स्तर तक पहुंचा झामुमो का अभियान
खान एवं खनिज संशोधन विधेयक के विरोध में झामुमो कार्यकर्ताओं ने रविवार को सुनता पंचायत के विभिन्न इलाकों में व्यापक जन-जागरण अभियान चलाया. श्यामपुर रेलवे फाटक, बांसिमली, हिटटांड़ समेत सुनता, विक्रमडीह, कुसुमटीकरी, बांधघुटी, बालीचुड़ा, डूंगरीगोडा और खुदनीटोपा के बूथों तक कार्यकर्ता पहुंचे. इस दौरान ग्रामीणों और आम लोगों को प्रस्तावित विधेयक के संभावित प्रभावों की जानकारी दी गई और लोकतांत्रिक आंदोलन को मजबूत करने की अपील की गई.
खनिज संपदा और राजस्व को लेकर केंद्र पर निशाना
झामुमो बोकारो जिला अध्यक्ष रतनलाल मांझी ने केंद्र सरकार पर झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि राज्य की खनिज संपदा से मिलने वाले अधिकार और राजस्व को प्रभावित करने वाली नीतियों का असर झारखंड के विकास और गरीबों के कल्याण पर पड़ सकता है. वहीं, झामुमो बोकारो महानगर अध्यक्ष मंटू यादव ने कहा कि खनिज संपदा से मिलने वाला राजस्व राज्य के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि झारखंड के अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी.
7 सितंबर को सभी प्रखंड मुख्यालयों में धरना
झामुमो ने कार्यकर्ताओं और आम लोगों से 7 सितंबर 2026 को होने वाले धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है. चास प्रखंड के लोगों से विशेष रूप से चास प्रखंड मुख्यालय पहुंचने का आह्वान किया गया है. झामुमो चास प्रखंड अध्यक्ष रामदयाल सिंह ने कहा कि पंचायत से लेकर बूथ स्तर तक जन-जागरण अभियान के जरिए लोगों को आंदोलन से जोड़ा जा रहा है.
जल, जंगल, जमीन और खनिज अधिकार का मुद्दा
झामुमो नेताओं ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा पर झारखंड के अधिकार की आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से मजबूत किया जाएगा. पार्टी ने 7 सितंबर के आंदोलन को व्यापक बनाने के लिए कार्यकर्ताओं से गांव-गांव और बूथ-बूथ जाकर लोगों को जोड़ने की अपील की है. अभियान में बड़ी संख्या में झामुमो के स्थानीय पदाधिकारी, कार्यकर्ता, समर्थक और ग्रामीण मौजूद रहे.