नीरज कुमार साहू/न्यूज11 भारत
बसिया/डेस्क: जिले के बसिया प्रखंड स्थित दलमादी मौजा में अनुसूचित जनजाति समुदाय की जमीन पर खनन पट्टा दिए जाने के विरोध में जिला परिषद सदस्य सह जमीन की एक रैयत बसंती डूंगडुंग ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर कार्रवाई की मांग की है. राज्यपाल को दिए गए आवेदन में कहा गया है कि बसिया अंचल के दलमादी मौजा स्थित अनुसूचित जनजाति समुदाय की भूमि जिनका खाता संख्या 75, प्लॉट संख्या 882, रकबा 23.80 एकड़ में से निजी कंपनी तिजराज बिल्डकॉन को 6.17 एकड़ तथा सर्वश्री राजसंस मेटको कंपनी को 2.428 हेक्टेयर भूमि पर खनन पट्टा प्रदान किया गया है.
उन्होंने आरोप लगाया गया है कि पट्टा देने में झारखंड लघु खनिज नियमावली 2004 एवं छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम 1908 की धारा 46 और 49 के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया. ज्ञापन में उन्होंने कहा है कि नियम 5(4) एवं 9(8) के तहत प्रभावित रैयतों की सहमति, ग्रामसभा की स्वीकृति तथा सक्षम पदाधिकारी द्वारा जांच के बाद ही लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया जाना आवश्यक था. लेकिन बिना वैधानिक प्रक्रिया पूरी किए खनन पट्टा स्वीकृत कर दिया गया.
बसंती डूंगडुंग ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों एवं रैयतों द्वारा लगातार शिकायत देने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. मामले की जांच के लिए गठित टीम में जिला खनन पदाधिकारी एवं बसिया अंचलाधिकारी शामिल थे जो खुद गलत अंचल रिपोर्ट ओर खनन पट्टा देने में संलिप्त रहे है. ग्रामीणों का आरोप है कि उनके द्वारा शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है.
ज्ञापन में कहा गया है कि ग्रामीणों एवं रैयतों ने उपायुक्त गुमला, जिला खनन पदाधिकारी, मुख्य सचिव, खान एवं भूतत्व विभाग तथा अल्पसंख्यक आयोग तक आवेदन देकर न्याय की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. साथ ही अल्पसंख्यक आयोग के एक पदाधिकारी द्वारा लीजधारक के पक्ष में समझौता करने का दबाव बनाया गया और समझौता नही करने गुमला उपायुक्त को आवेदन देकर पर खनन कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए गए. जबकि आयोग को सीएनटी एक्ट,भूमि विवाद अथवा खनन मामलों में निर्णय देने का कोई वैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है.
बसंती डूंगडुंग ने राज्यपाल से नियमों के विरुद्ध दिए गए खनन पट्टे को तत्काल रद्द करने तथा अवैध तरीके से दिए खनन पट्टा मामले में गलत अंचल रिपोर्ट बनाने,नियमविरुद्ध ग्राम सभा कराने,बिना जांच के लेटर ऑफ इंटेंट जारी करने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है.राज्यपाल द्वारा इसपर न्यायसंगत कार्रवाई के लिए सरकार कहने का आश्वासन दिया गया है. बसंती डूंगडुंग ने कहा कि वे खुद एक रैयत है और आज अवैध खनन मामले को लेकर सभी रैयत ओर ग्रामीण एकजुट होकर इस लीज पट्टा को रद्द कराने की लिखित मांग लगातार गुमला उपायुक्त से कर रहे है और गुमला के उपायुक्त इसके लिए सक्षम प्राधिकार है लेकिन पता नही वे इतने आवेदनों के वावजूद किन कारणों से इसपर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे है.उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर वे जल्द ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी मिलकर उन्हें अवगत करायेंगे.
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