अरुण कुमार यादव/न्यूज11 भारत
गढ़वा/डेस्क: गढ़वा जिले के रमकंडा प्रखंड के बिराजपुर पंचायत के गंगा टोली के आदिम जनजाति समाज के दर्जनों परिवार की विवशता ऐसी है कि दर्जनों परिवार के लोग भूखे सोने को मजबूर हैं, इनकी ऐसी विवशता इसलिए है, क्योंकि गढ़वा जिले के बिराजपुर पंचायत के गंगा टोली गांव के इन दर्जनों आदिम जनजाति परिवार के लोगों को 5 वर्षों से सरकार के द्वारा मिलने वाली राशन-अनाज नहीं मिल रहा है.
आदिम जनजाति समाज के बिहारी कोरवा बताते हैं कि 5 वर्षों से राशन नहीं मिल रहा है. क्या करें, किसी तरह मजदूरी करने के बाद कुछ राशन खरीदते हैं, लेकिन जिस दिन काम नहीं मिलता है तो उस दिन राशन खरीदने की आफत आ जाती है. पूरे परिवार को भूखे सोना पड़ता है.
आदिम जनजाति परिवार के देवकुमार कोरवा बताते हैं कि 5 वर्षों से राशन नहीं मिल रहा है और उनका फिलहाल स्वास्थ्य भी ख़राब है, जिसके कारण पति-पत्नी तो भूखे सोते ही हैं, उनके साथ उनके छोटे-छोटे मासूम बच्चे भी भूखे सोने को बेबस हैं,
यही कहानी, दर्जनों परिवार के लोगों की भी है. बिराजपुर पंचायत के मुखिया ललिता लकड़ा से जब न्यूज़ 11 भारत की टीम ने बात की तो पंचायत के मुखिया ललिता लकड़ा ने बताया कि उनके पास इन समस्या को लेकर कोई नहीं आया है, लेकिन मैं विश्वास दिलाती हूं कि प्रखंड से लेकर जिला तक जाकर इन सभी परिवार के लोगों के राशन कार्ड में नाम जुड़वाऊंगी और सभी को राशन भी उपलब्ध कराऊंगी. ताकि कोई भी राशन अनाज के बिना भूखे न सोए.
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