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रांची/डेस्क: MMDR कानून को लेकर झारखंड में सियासी पारा चढ़ा हुआ है. इसी बीच कल 19 सितंबर को MMDR कानून के खिलाफ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) बड़ा आंदोलन करेगी. इस आंदोलन में राज्य के हर प्रखंड में पार्टी के कार्यकर्ता आंदोलन में शामिल होंगे. इस संबंध में जेएमएम के प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा है कि "ये काला कानून है". वहीं दूसरी ओर झारखंड बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा है कि एमडीआर कानून इसलिए लाया गया कि देश में यूनिफार्म टैक्स की व्यवस्था हो.
इधर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश कुमार सिन्हा ने कहा है कि जब BJP की केंद्र सरकार ने तीन काले कृषि कानून लाई थी तो एक-एक भाजपा के नेता काले कृषि कानून का फायदा गिना रहे थे. उनका कहना था कि इससे किसानों को लाभ होगा, किसानों की उन्नति होगी. अंत में तीनों कृषि कानून वापस लेने पड़े. क्योंकि इससे किसानों को सिर्फ निक्सन होने वाला था. ठीक उसी तरह MDR बिल से झारखंड को 22,000 करोड़ रुपए का नुकसान होने जा रहा है.
राकेश कुमार सिन्हा ने कहा "इसे आप ऐसे भी समझ सकते हैं कि जमीन हमारी, उस जमीन का पॉल्यूशन हमारा, विस्थापन हमारा और टैक्स कौन लेगा "दिल्ली".उस पैसे से राज्य कई जन कल्याणकारी योजनाएं चलती है. आप एक तरफ राज्य का पैसा भी रोक दो, अंशदान में भी कटौती कर दो, 136000 करोड़ जो हमारा बकाया है उस पैसे पर भी अब कुंडली मार के बैठ जाओ और वह पैसा कैसे राज्य को ना दें इसके लिए MMDR कानून बनाया और उसका फायदा गिनाया जा रहा है. तो यह तो नहीं चलेगा हम सड़क से लेकर सदन तक इस एमडीआर बिल का विरोध करेंगे और हम माननीय न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाया जाएगा."
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