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रांची/डेस्क: महाशिवरात्रि का पर्व नजदीक आटे ही शिव भक्तों में तीर्थ यात्रा का उत्साह चरम पर हैं. अगर आप भी इस खास अवसर पर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने का मन बना रहे है तो यह खबर आपके लिए हैं. जानिए उन पवित्र स्थलों के बारे में जो भगवान शिव के दिव्य रूपों को समर्पित हैं.
ज्योतिर्लिंग, जो भगवान शिव के प्रतितिष्ठ रूपों का प्रतीक है, वह स्थान है जहां भगवान शिव ने अपने दिव्य रूप में प्रकट होकर भक्तों को आशीर्वाद दिया. 12 ज्योतिर्लिंगों का धार्मिक महत्व अपार है और इनका दर्शन करने से न केवल पुण्य की प्राप्ति होती है बल्कि भक्तों को मोक्ष की प्राप्ति का भी आशीर्वाद मिलता हैं.
12 ज्योतिर्लिंगों के नाम और उनके महत्व
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग (गुजरात)
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में स्थित हैं. इसे भगवान शिव का पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता हैं. कहते है चंद्रदेव के श्राप से मुक्ति के लिए शिव ने यहां स्वयं प्रकट होकर भक्तों को आशीर्वाद दिया. यहां दर्शन करने से जीवन की सभी समस्याएं दूर होती हैं.
मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग (आंध्र प्रदेश)
यह श्रीशैलम पर्वत पर स्थित है, जिसे 'दक्षिण का कैलाश'कहा जाता हैं. यहां भगवान शिव और माता पार्वती दोनों की पूजा होती है, जिससे यह स्थान और भी पवित्र बन जाता हैं.
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग (मध्य प्रदेश)
उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर का महत्व अत्यधिक हैं. कहा जाता है कि यहां भगवान शिव के महाकाल रूप की पूजा से भक्तों को हर प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती हैं. यह दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंगहै, जो इसे अन्य ज्योतिर्लिंगों से अलग बनाता हैं.
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग (मध्य प्रदेश)
नर्मदा नदी के किनारे स्थित ओंकारेश्वर का आकार 'ॐ' जैसा हैं. यहां के दर्शन से मोक्ष की प्राप्ति होती है और इसे विशेष रूप से नर्मदा नदी की पवित्रता के कारण अधिक महत्व दिया जाता हैं.
केदारनाथ ज्योतिर्लिंग (उत्तराखंड)
यह स्थान पवित्र हिमालय पर्वत में स्थित है और महाभारत के पांडवों से जुड़ी हुई कहानी से जुड़ा हुआ हैं. यह भगवान शिव का पवित्र ज्योतिर्लिंग है, जहां दर्शन करने से जीवन के सभी पाप समाप्त हो जाते हैं.
भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग (महाराष्ट्र)
यह महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित है और यहां राक्षस भीम का वध कर भगवान शिव ने स्वयं प्रकट होकर भक्तों को आशीर्वाद दिया. यह स्थान हर साल हजारों भक्तों को आकर्षित करता हैं.
काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग (उत्तर प्रदेश)
वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव के सबसे पवित्र स्थलों में से एक हैं. यहां के दर्शन से जीवन में मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है और कहा जाता है कि इस थान पर मृत्यु से पहले शिव का दर्शन जीवन का सर्वोत्तम आशीर्वाद हैं.
त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग (महाराष्ट्र)
नासिक जिले में स्थित त्र्यंबकेश्वर मंदिर तीन मुखों वाला है, जो ब्रह्मा, विष्णु और शिव का प्रतीक माना जाता जैन. यह स्थान गोदावरी नदी के उद्रम स्थल के पास स्थित है, जहां स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती हैं.
बैघनाथ ज्योतिर्लिंग (झारखंड)
देवघर जिले में स्थित बैघनाथ ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के प्रमुख स्थानों में से एक हैं. कहा जाता है कि रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए यहां तपस्या की थी. बैघनाथ के दर्शन से भक्तों को मोक्ष की प्राप्ति होती हैं.
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग (गुजरात)
यह ज्योतिर्लिंग द्वारका के पास स्थित है और इसे राक्षस दरुक के वध से जोड़ा जाता हैं. यहां के दर्शन से भक्तों को भय, रोग और संकटों से मुक्ति मिलती हैं.
रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग (तमिलनाडु)
रामेश्वरम का जुड़ाव भगवान राम से है, जहां उन्होंने समुद्र पार करने से पहले भगवान शिव की पूजा की थी. यह स्थान भगवान स्गिव के अत्यंत पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक हैं.
घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग (महाराष्ट्र)
यह औरंगाबाद जिले के ऐतिहासिक एलोरा गुफाओं के पास स्थित हैं. इस ज्योतिर्लिंग का नाम घृष्णा नामक एक भक्त महिला के नाम पर पड़ा है, जिन्होनें अपनी भक्ति से भगवान शिव को प्रसन्न किया.