न्यूज11 भारत
रांची/डेस्कः- रुस के राष्ट्रपति की नीजि जिंदगी हमेशा से रहस्मयी रही है. खासकर उनकी बेटियों को लेकर पुतिन व उनकी पुर्व पत्नी ल्युदमिला की दो बेटियां है जो कि पब्लिक लाइफ से दूर रहकर अपने क्षेत्रों में योगदान दे रही है.
रुस के राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन सीमित सार्वजनिक जानकारी साझा करने को लेकर काफी चर्चा में रहते हैं. उनकी पहली व एकमात्र आधिकारिक शादी 1983 को ल्यूदमिला पुतिन से हुई थी. जब पुतिन सोवियत संघ की सुरक्षा एजेंसी केजीबी में काम करते थे.
लगभग 3 दशक तक साथ रहने के बाद 6 जून 2013 को दोनों ने एक संयुक्त इंटरव्यू में घोषणा कर सबको चौंका दिया कि वे अब अलग रहेंगे. 1 अप्रैल 2014 को तलाक की आधिकारिक पुष्टि कर दी गई थी. पुतिन व ल्युदमिला की दो बेटियां हैं एक मारिया दूसरी कातरीना. जिसे हमेशा से सार्वजनिक नजरों से दूर रखी गई व अपने नीजि जीवन में सख्त गोपनीयता बनाए रखती है. आइए जानते हैं पुतिन के बेटियों के बारे में..
क्या करती हैं पुतिन की बेटी मारिया?
पुतिन की बेटी मारिया पेशे से एंडोक्रिनोलॉजिस्ट (Endocrinologist) है. जिसका मतलब होता है हार्मोनिक व ग्रोथ डिसआर्डर विशेषज्ञ डॉक्टर. उसने मास्को स्टेट यूनिवर्सिटी से चिकित्सा की पढ़ाई की. मारिया रूस में ही जेनेटिक रिसर्च प्रोजेक्ट में काम करती है. कई तरह के बायोटेक व मेडिकल रिसर्च से जुड़ी हुई है, जिसका मुख्य उद्देश्य है बच्चों की बीमारी पर उन्नत इलाज तैयार करना, कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के मुताबिक वह मेडिकल स्टार्टअप और रिसर्च फंड से भी जुड़ी हुई है.
क्या करती हैं पुतिन की दूसरी बेटी कातरीना?
वहीं पुतिन की दूसरी बेटी Katerina Tikhonova की करियर भी काफी शानदार है. टेक्नोलॉजी, साइंस और डांस तीनों फिल्ड में बेस्ट है. कातरीना टेकनोलॉजी रिसर्च के साथ साथ एआई व रोबोटिक्स की प्रमुख भी है. इसके साथ ही वे रॉक एंड रोल डॉंसिंग में भी हिस्सा ले चुकी है.
कातरीना संभालती हैं कई प्रोजेक्ट्स
Katerina Tikhonov मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी के Institute for Advanced Studies में भी काम कर चुकी हैं. इनोवेशन व न्यू टेक्नोलॉजी फंडस व रिसर्च सेंटर में भी उसका अहम रोल रहा है. कई मामलों में उन्हे रूस का यंग टेक्नोक्रेट लीडर भी कहा जाता है. उन्होने पहले रुस के एक प्रमुख बिजनेसमैन किरिल शमालोव से शादी की थी. जो रुस के टॉप ओलिगार्क्स में गिने जाते हैं. हालाकि बाद में दोनों का तलाक हो गया.
ये भी पढ़ेंः- Overthinking से परेशान हैं भारतीय युवा, हर दिन 3 घंटे से ज्यादा सिर्फ सोचने में जा रहा समय