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रांची/डेस्क: बच्चों को हंसते हुए देखना हर माता-पिता के लिए खुशी का पल होता हैं. अक्सर बच्चे की मुस्कान पाने के लिए पेरेंट्स उन्हें गुदगुदी करते है, जिससे घर में हंसी-खुशी का माहौल बन जाता है लेकिन क्या आप जानते है कि बच्चों को ज्यादा गुदगुदी करना उनके लिए खतरनाक हो सकता हैं? हाल ही में की गई रिसर्च में यह सामने आया है कि गुदगुदी का ज्यादा प्रभाव बच्चों की शारीरिक और मानसिक सेहत पर बुरा असर डाल सकता हैं. तो चलिए जानते है, बच्चों को गुदगुदी करने के क्या नुकसान हो सकते है और क्यों पेरेंट्स को इस आदत से सावधान रहना चाहिए.
गुदगुदी से बच्चों को होने वाले नुकसान
जबरदस्ती हंसी, असली खुशी नहीं
गुदगुदी करने पर बच्चा हंसता जरुर है लेकिन यह हंसी उसकी स्वाभाविक प्रतिक्रिया होती है न कि खुशी का इजहार. कई बार गुदगुदी इतनी ज्यादा होती है कि बच्चा हंसने के अलावा कुछ और कर ही नहीं पाता. यह असल में उसकी खुशी नहीं बल्कि शरीर की स्वाभाविक प्रतिक्रिया होती है, जो उसकी मानसिक स्थिति को अनदेखा कर देती हैं.
सांस फूलना और घबराहट का खतरा
गुदगुदी से बच्चे की सांस फूलने की समस्या हो सकती हैं. खासकर छोटे बच्चों में, जिनकी श्वसन प्रणाली पूरी तरह से विकसित नहीं होती हैं.इससे बच्चे को घबराहट और असहजता महसूस हो सकती है, जो उनकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता हैं.
सेल्फ डिफेंस की भावना कमजोर पड़ सकती है
गुदगुदी के दौरान बच्चा खुद को बचाने में असमर्थ महसूस कर सकता हैं. इससे बच्चों में यह भावना कमजोर हो सकती है कि वे 'नहीं' या 'रुक जाओ' कह सकें. यह लंबे समय तक होता रहे तो बच्चा अपनी असहजता और हदें जाहिर करने में असमर्थ हो सकता है, जो कि उसके मानसिक विकास के लिए नुकसानदेह हैं.
मानसिक तनाव और डर
कुछ बच्चों को अधिक गुदगुदी करने से डर और बेचैनी का अनुभव हो सकता हैं. उन्हें ऐसा महसूस हो सकता है कि वे अपनी बॉडी पर कंट्रोल खो रहे है, जिससे उनमें असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो सकती हैं. यह मानसिक तनाव और डर का कारण बन सकता हैं.
मांसपेशियों पर दबाव और दर्द
लगातार गुदगुदी करने से बच्चे की मांसपेशियों पर दबाव पड़ सकता है, जिससे ऐंठन और दर्द की समस्या हो सकती हैं. यह शारीरिक असुविधा को बढ़ा सकता है और बच्चों के लिए हानिकारक साबित हो सकता हैं.
ऐसे में क्या करना चाहिए पेरेंट्स को?
पेरेंट्स को बच्चों के साथ समय बिताते हुए उनका मनोरंजन करने के तरीके सोच-समझकर अपनाने चाहिए. गुदगुदी से बचना और बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखने के लिए उनकी सीमाओं का सम्मान करना जरूरी हैं.