न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क: पूरे देश में इस वक़्त सिर्फ एक ही चीज़ को लेकर चर्चा हो रही है. वह है वक्फ संशोधन बिल 2025. इसे बुधवार देर रात लोकसभा में मंजूरी मिल गई है. इस बिल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त बहस हुई , जो करीब 12 घंटे तक चली. रात 2 बजे हुई वोटिंग में कुल 520 सांसदों ने हिस्सा लिया, जिसमें 288 ने पक्ष में और 232 ने विपक्ष में वोट किए. इसके बाद आज गुरुवार 03 अप्रैल को इसे राज्य सभा में पेश किया गया है. इसपर बहस चल रही है.
ऐसे मे राज्यसभा में मोदी सरकार के वक्फ बोर्ड की असली परीक्षा होने वाली है. इस बिल को राज्यसभा में पास करना इतना आसान नहीं होगा. इसके यह कारण है कि राज्यसभा में मोदी सरकार के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है. बता दें कि राज्य सभा में कुल 245 सीट है. इसमें 237 प्रभावी हैं. ऐसे में 8 सीट अभी खाली है. राज्यसभा में बिल को पास करने के लिए 119 सांसदों की जरूरत है. राज्य सभा में NDA के पास अभी 112 सांसद है. ऐसे में NDA को निर्दलीय और मनोनीत का सहारा लेना होगा. राज्यसभा में NDA बीजेपी के 96, सहयोगी दल के 16, 06 मनोनीत और 1 निर्दलीय के सहारे बहुमत तक पहुंच सकती है. यह आंकड़ा बहुमत के लिए जरूरी है. वहीं बात करें विपक्ष की तो वहां कांग्रेस के पास कुल 85 सदस्य है, TMC के पास 13, SP के पास 10, DMK के पास 10 और अन्य 25 है. यह आंकड़ा बहुमत से 34 कम है. ऐसे में तुलना की जाए तो NDA की स्थिति राज्यसभा में मजबूत दिख रही है. ऐसे में अगर कुछ नहाया खेल नहीं होता है तो वक्फ बिल पर राज्यसभा से भी मुहर लग जाएगी.
जब केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बुधवार 02 को लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल के बारे में जानकारी दी तब उन्होंने इसमें एक ऐसा प्रावधान के बारे में भी बताया, जिससे झारखण्ड राज्य के आदिवासियों को भी फायदा होगा. आइये आपको इस बारे में जानकारी देते है.
वक्फ बोर्ड ‘शेड्यूल 5’ की जमीनों पर नहीं कर सकेंगे दावा
अपने भाषण में मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल 2025 में ऐसा प्रावधान किया गया है कि वक्फ बोर्ड ‘शेड्यूल 5’ और ‘शेड्यूल 6’ की जमीनों पर किसी भी प्रकार का दावा नहीं कर पाएगा. उन्होंने आगे कहा कि ‘शेड्यूल 5’ में झारखंड की काफी जमीन है. ऐसे में अगर यह बिल पास हो जाता है तो वक्फ बोर्ड झारखंड के आदिवासियों की जमीन पर कभी दावा नहीं कर पाएगा.
वक्फ बिल पर विपक्ष लोगों को गुमराह करने की कर रहा कोशिश- रिजीजू
लोकसभा में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू विपश पर जमकर निशाना साधा था. उन्होंने कहा कि जो मुद्दे वक्फ विधेयक का हिसा नहीं है, विपक्ष ने लोगों को उन्हीं मुद्दों पर गुमराह करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि वक्फ तो संसद भवन पर भी दावा कर रहा था. लेकिन UPA सरकार ने काफी संपत्ति गैर-अधिसूचित करके दिल्ली वक्फ बोर्ड को दे दी थी.
'कैबिनेट ने जेपीसी की रिपोर्ट के आधार पर बिल में संशोधन को दी मंजूरी'
उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बिल को पिछले साल पेश करते समय दोनों सदनों की एक संयुक्त समिति (जेपीसी) को भेजने का प्रस्ताव किया था. इसके बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल ने समिति की रिपोर्ट आने के बाद उसकी सिफारिश के आधार पर मूल विधेयक में कुछ बदलावों को मंजूरी दी थी.
वक्फ बोर्ड की संपत्ति की क्या है कुल कीमत?
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि वक्फ बोर्ड के पास कुल 8.72 लाख संपत्ति है, यह संपत्ति 9.4 लाख एकड़ में फैली हुई है. इसकी कीमत अनुमानित करीब 1.2 लाख करोड़ रुपए है. आंकड़ा पेश करते हुए उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड के पास 16,713 अस्थायी और 8,72,328 स्थायी संपत्ति है. यही नहीं, वक्फ बोर्ड के तहत 3,56, 051 वक्फ एस्टेट्स पंजीकृत है.