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बिहार/डेस्क: किशनगंज सीमावर्ती जिला होने के साथ-साथ तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहा है. जिले के विभिन्न इलाकों में इन दिनों दर्जनों वेटलिफ्टिंग सह जिम संचालित हो रहे है, जहां युवक-युवतियों की संख्या लगातार बढ़ रही है लेकिन इन जिम सेंटरों में बुनियादी सुरक्षा मानकों और नियमों की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है.
जानकारी के अनुसार, जिले के किसी भी जिम में महिला प्रशिक्षक की नियुक्ति नहीं है, जबकि बड़ी संख्या में महिलाएं भी जिम में अभ्यास करने पहुंच रही है. इसके अलावा अधिकांश जिम में सीसीटीवी, आपातकालीन सुविधा और अन्य सुरक्षा इंतजाम भी नाकाफी है. सबसे गंभीर पहलू यह है कि बिना किसी डॉक्टरी सलाह के युवाओं को शारीरिक विकास के नाम पर प्रोटीन और अन्य सप्लीमेंट दिए जा रहे है, जो स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरे हो सकते है. इस मामले पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) गौतम कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि फिलहाल किसी महिला द्वारा शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन भविष्य में यदि जिम परिसर में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या दुर्व्यवहार होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी जिम संचालकों की होगी और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
वहीं, बॉडी प्लेनेट जिम के संचालक मोहम्मद परवेज आलम ने बताया कि उनके जिम में प्रतिदिन 60 से 70 लोग आते है. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि फिलहाल वे स्वयं महिलाओं को प्रशिक्षण देते हैं और जरूरत पड़ने पर सप्लीमेंट भी उपलब्ध कराते है. प्रशासन की चेतावनी के बाद जिम संचालन को लेकर अब निगरानी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.