अमन/न्यूज11 भारत
नवादा/डेस्क: नवादा जिले के सदर प्रखंड में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत एक सराहनीय पहल की गई है. यहां सरकारी कर्मियों ने 67 टीबी मरीजों को गोद लिया है. इस पहल के तहत मरीजों को राशन और घरेलू सामग्री वितरित की गई. यह आयोजन नि-क्षय मित्र योजना के तहत किया गया.
प्रखंड विकास चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शैलेश कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में नवादा की जदयू विधायक विभा देवी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं. उनके साथ सिविल सर्जन डॉ. विनोद कुमार चौधरी, डीपीएम अमित कुमार और अरवल के सिविल सर्जन डॉ. राज किशोर प्रसाद सहित कई अधिकारी व स्थानीय लोग मौजूद रहे.
डॉ. शैलेश कुमार ने बताया कि यह पूरी तरह से सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि नि-क्षय मित्र योजना के तहत एक निजी मुहिम है. सरकारी कर्मियों ने अपनी जेब से पैसे खर्च कर इन मरीजों को गोद लिया है और अगले छह महीनों तक उनकी देखभाल करेंगे. इस पहल का उद्देश्य मरीजों को पोषण प्रदान करना, उनके इलाज में मदद करना और टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, जिससे छुआछूत जैसी कुरीतियां समाप्त हो सकें.
विधायक विभा देवी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी कर्मियों द्वारा निजी स्तर पर लोगों को जागरूक करने और ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने से समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा. उन्होंने जोर दिया कि टीबी को छुआछूत की बीमारी मानने की पुरानी धारणा अब खत्म हो रही है और इन मरीजों की मदद करना हमारा दायित्व है. उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को पूरे क्षेत्र में चलाने की वकालत की ताकि टीबी जड़ से मिट सके.
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान का लक्ष्य देश को टीबी मुक्त बनाना है. नि-क्षय मित्र योजना के तहत व्यक्ति या संस्थाएं मरीजों को गोद लेकर उन्हें पोषण, दवा और अन्य सहायता प्रदान करती हैं. नवादा में सरकारी कर्मियों की यह निजी पहल अन्य जिलों के लिए प्रेरणा बन सकती है. कार्यक्रम में मरीजों को सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई.
यह आयोजन दर्शाता है कि सामुदायिक भागीदारी और व्यक्तिगत योगदान से बड़े बदलाव संभव हैं. उम्मीद है कि ऐसे प्रयास बिहार के अन्य हिस्सों में भी फैलेंगे.
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