राहुल कुमार/न्यूज़11 भारत
बिहार/डेस्क: शेरघाटी/ बाराचट्टी में शादी के नाम पर नाबालिग लड़की को बेचने की सनसनीखेज साजिश का समय रहते खुलासा हुआ है. समाज और मीडिया की सतर्कता से एक बड़ी अनहोनी टल गई. यह मामला बाराचट्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत खरने पचबहिनी मंदिर धाम का है, जहां कथित विवाह के दौरान साजिश का पर्दाफाश हुआ.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाराचट्टी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी आदित्य पासवान अपनी नाबालिग बेटी की शादी कराने के लिए पचबहिनी मंदिर पहुंचे थे. बताया गया कि यह रिश्ता गांव के ही एक कथित बिचौलिए संजय पासवान ने तय कराया था. विवाह के लिए जिस युवक को लाया गया था, उसे लड़की का परिवार पहले से नहीं जानता-पहचानता था. शादी की तैयारी के दौरान स्थानीय लोगों को पूरे मामले पर संदेह हुआ. इसके बाद पासवान उत्थान मंच के अध्यक्ष बाबन पासवान, एलजेपीआर के स्थानीय नेता एवं समाजसेवियों को मौके पर बुलाया गया. मामला संदिग्ध लगने पर पत्रकारों को भी सूचना दी गई.
पूछताछ में लड़की के माता-पिता ने बताया कि वे अत्यंत गरीब हैं और बिचौलिए संजय पासवान ने भरोसा दिलाया था कि लड़का पासवान समाज का है, सासाराम का रहने वाला है और बिना दहेज के शादी करेगा. इसी झांसे में आकर वे मंदिर पहुंचे थे. जब कथित दूल्हे से पूछताछ की गई तो उसने पहले खुद को सासाराम का निवासी बताया, लेकिन पूरा पता नहीं बता सका. आधार कार्ड दिखाने पर वह डुप्लीकेट निकला.
कड़ाई से पूछताछ करने पर युवक ने स्वीकार किया कि वह झूठ बोल रहा था और उसका वास्तविक घर राजस्थान में है. असली आधार कार्ड दिखाने पर उसकी उम्र 34 वर्ष निकली. युवक ने यह भी कबूल किया कि वह तैली समाज से है और उसे झूठ बोलने की पूरी योजना मध्यस्थ संजय पासवान ने सिखाई थी. सूत्रों के अनुसार, इस साजिश में कुल छह लोग शामिल थे, जो पिछले चार दिनों से एक होटल में ठहरकर पूरी योजना बना रहे थे शादी कहां करानी है, फर्जी आधार कैसे बनवाना है और लड़की को किस तरह बाहर ले जाना है. मामले की गंभीरता को देखते हुए बाराचट्टी पुलिस ने मौके से पांच लोगों को हिरासत में लेकर थाना ले जाया है. पीड़ित परिवार ने थाने में लिखित आवेदन भी दिया है.
हालांकि मामला यहीं नहीं थमा. आरोप है कि आवेदन देने के बाद रात करीब 8:30 बजे फरार संजय पासवान अपने साथियों के साथ दो-चार पहिया वाहन से लड़की के घर पहुंचा और केस वापस लेने की धमकी दी. इससे भयभीत होकर पूरा परिवार जान बचाने के लिए अलग-अलग जगहों पर छिपने को मजबूर है. यह घटना एक बार फिर बिहार में बेटियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है.