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रांची/डेस्क: केन्द्र की मोदी सरकार ने बजट सत्र के बाद 3 दिनों का विशेष सत्र आहूत किया है. समझा जा रहा है संसद में महिलाओं के लिए पारित आरक्षण बिल (नारी वंदन संशोधन) को पारित कराने के लिए केन्द्र सरकार ने यह विशेष सत्र आहूत किया है. संसद का यह विशेष सत्र 16 से 18 अप्रैल को आहूत किया गया है. मोदी सरकार महिला आरक्षण बिल पर पारित करने के पूरे मूड में आ चुकी है. उधर विपक्ष की बडी पार्टी कांग्रेस को केन्द्र सरकार का यह फैसला रास नहीं आ रहा. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केन्द्र सरकार के फैसले पर सवाल खड़े किए हैं.
बता दें कि राज्यसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने संसद के विशेष सत्र को लेकर पहले ही संकेत दिये थे. उन्होंने पहले ही कह दिया था कि संसद की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित नहीं की जायेगी. यानी उसी समय यह तय हो गया था कि केन्द्र सरकार कुछ बड़ा करने वाली है. बजट सत्र के अवसान से पहले ही केन्द्र सरकार ने अगले सत्र की तारीख घोषित कर दी है.
जयराम रमेश के केन्द्र सरकार पर लगाए आरोप
संसद के विशेष सत्र की घोषणा होने से विपक्ष खुश नहीं है. विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस के नेता जयराम रमेश ने केन्द्र सरकार की नीयत पर सवाल उठाये हैं. जयराम रमेश ने कहा कि केन्द्र सरकार ने विशेष सत्र ऐसे समय में आहूत किया गया है जब देश के पांच राज्यों में चुनाव आसन्न है. उन्होंने कहा कि आखिर तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव के बीच सरकार को इस बिल की याद क्यों आई है. उन्होंने यह भी कहा कि जब यह विधेयक संसद में पारित हुआ था तब विपक्ष ने इसे उसी समय लागू करने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने जनगणना और परिसीमन का हवाला देकर विपक्ष की बात अनसुनी कर दी.
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