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लाइफ्सटाइल/डेस्क: क्या आपको ऐसा कभी महसूस हुआ है कि अचानक आधी रात को नींद खुल जाए, आपको आसपास की चीजों के होने का भी एहसास हो. लेकिन शरीर हिल ही न पाए? आवाज़ निकल ही न पाए? और ऐसा लगे कि कोई साया आपके पास बैठा हो, आपको जकड़ कर रखा हो. आप आवाज़ निकालने का प्रयास करते हैं, लेकिन निकल नहीं पा रहा हो. इस डरावने अनुभव को स्लीप पैरालिसिस कहा जाता है.
क्या होता है स्लीप पैरालिसिस?
स्लीप पैरालिसिस एक ऐसी अवस्था है, जब एक इंसान सोने से ठिक पहले और जागने के दौरान अपने शरीर को हिला नहीं पाता है. यह खासकर तब होता है, जब आपका शरीर नींद और जागने के बीच की स्थिति में फसा होता है. इसे अक्सर तभी महसूस किया जाता है, जब आप ज्यादा थके रहते हैं. यह सिर्फ कुछ सेकेंड से लेकर कुछ मिनटों तक ही रहता है.
स्लीप पैरालिसिस के दौरान आपको डर या घबराहट हो सकती है. और जैसे ही ये खत्म होता है, तो शरीर में हरकत आ जाती है. शरीर जब वापस पहले जैसा काम करने लग जाता है, तो आपको लगने लगता है कि यह महज एक भ्रम था. इसका कोई इलाज नहीं है. लेकिन कुछ ऐसे उपाय हैं, जिससे की इसके होने की आवृति को रोका जा सके.
क्या है इसका कारण?
स्लीप पैरालिसिस का मुख्य कारण है, नींद की कमी होना, ज्यादा तनाव होना, स्लीप शेड्यूल में अचानक से बदलाव आना, पीठ के बल सोना.
अगर आप भी स्लीप पैरालिसिस से परेशान हैं तो घर बैठे कर सकते हैं, यह उपाय. घर पर रोज़ ध्यान करने से आपको इससे राहत मिल सकती है. साथ आप अपने सोने के समय को समझे और उसी हिसाब से प्रयाप्त नींद लें. इन कुछ चीजों का ध्यान रखने से आपको स्लीप पैरालिसिस से निवार्ण मिल सकता है.
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