मुमताज अहमद/न्यूज11 भारत
खलारी/डेस्क: सीसीएल एनके एवं पिपरवार क्षेत्र में कोयला चोरी और अवैध खनन के खिलाफ सीआईएसएफ की कार्रवाई लगातार जारी है. इसी अभियान के तहत सीआईएसएफ की कोयला छापेमारी टीम ने केडी एच KDH चेक पोस्ट के समीप सड़क किनारे झाड़ियों में छिपाकर रखा गया 1.45 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद किया. आशंका है कि कोयले को चोरी कर ले जाने की नीयत से झाड़ियों में छिपाकर रखा गया था.
सीआईएसएफ के कमांडेंट अमित कुमार को केडीएच KDH क्षेत्र में झाड़ियों के बीच अवैध कोयला छिपाकर रखे जाने की सूचना मिली थी. सूचना को गंभीरता से लेते हुए उनके निर्देश पर तत्काल छापेमारी टीम को कार्रवाई के लिए रवाना किया गया. सहायक कमांडेंट मनोहर बरवाहा के नेतृत्व में पहुंची टीम में निरीक्षक पंकज झा सहित 10 सीआईएसएफ बल सदस्य शामिल थे.
छापेमारी के दौरान टीम ने केडी एच KDH चेक पोस्ट की ओर जाने वाली सड़क के किनारे झाड़ियों की जांच की. इस दौरान झाड़ियों में छिपाकर रखा गया कोयला बरामद हुआ. बरामद कोयले को मौके से एकत्र कर KDH W.B. नंबर-03 में वजन कराया गया, जहां कुल वजन 1.450 मीट्रिक टन पाया गया.
सीसीएल प्रबंधन द्वारा निर्धारित 1,522.22 रुपये प्रति टन की दर से बरामद कोयले की अनुमानित कीमत 2,207.22 रुपये आंकी गई है. कार्रवाई के बाद बरामद कोयले को नियमानुसार सीसीएल प्रबंधन को सुपुर्द कर दिया गया. बाद में कोयले को 18 नंबर कोल डंप में उतार दिया गया.
सीआईएसएफ के अनुसार यह कार्रवाई माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट, 1957 (MMDR Act) के प्रावधानों के तहत की गई है. हालांकि मौके से कोयला छिपाने वाले किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है.
ड्रोन से भी रखी जा रही नजर
सीआईएसएफ कमांडेंट अमित कुमार ने कहा कि एनके एवं पिपरवार क्षेत्र में कोयला चोरी और अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए जमीनी स्तर पर नियमित गश्ती और छापेमारी के साथ ड्रोन सर्विलांस का इस्तेमाल किया जा रहा है. संवेदनशील और दुर्गम इलाकों में ड्रोन के जरिए निगरानी बढ़ाई गई है, ताकि कोयला चोरी और अवैध खनन से जुड़ी गतिविधियों की समय रहते पहचान की जा सके.
उन्होंने कहा कि सीसीएल की संपत्ति और कोयला संसाधनों की सुरक्षा सीआईएसएफ की प्राथमिक जिम्मेदारी है. अवैध खनन एवं कोयला चोरी के खिलाफ आधुनिक तकनीक और जमीनी कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जा रहा है. ऐसे मामलों में संलिप्त तत्वों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.
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