संतोष श्रीवास्तव/न्यूज़ 11भारत
पलामू/डेस्क: पलामू, गढ़वा और लातेहार के विभिन्न शहरी क्षेत्रों में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं का पलामू पुलिस ने सफलतापूर्वक उद्भेदन कर दिया है. पलामू पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस चोर गिरोह के पकड़े जाने से अकेले शहर थाना क्षेत्र के लगभग सात से आठ कांडों का उद्भेदन हुआ है. पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सदर एसडीपीओ राजेश यादव के नेतृत्व में एक विशेष एसआईटी टीम का गठन किया गया था, जिसने चोरों की धरपकड़ के लिए झारखंड के अलावा बिहार और ओडिशा जैसे अलग-अलग राज्यों में लगातार छापेमारी की.
पुलिस की इस सघन कार्रवाई के दौरान सबसे पहले पुलिस ने ओडिशा से राजू कुमार और राजकुमार को गिरफ्तार किया. दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद मिले ब्यान और निशानदेही के आधार पर लक्ष्मण मोदी और अरविंद खरवार को भी गिरफ्तार कर लिया गया, तथा चोरी के आभूषण खरीदने वाले डेहरी स्थित ज्वेलर्स दुकान के मालिक प्रमोद सोनी को भी पुलिस ने दबोच लिया.
इस प्रकार पुलिस ने कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से लगभग 45 ग्राम सोना, करीब 80 ग्राम चांदी के आभूषण और 7.8 किलोग्राम छेनी हथोड़ा कटर सहितअन्य सामान बरामद किया गया है.
पुलिस पूछताछ में एक दिलचस्प और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार किए गए राजू कुमार और राजकुमार ही गले में रस्सी बांधकर गाय की हत्या का आरोप लगाने का बहाना बनाकर लोगों से सहानुभूति और चंदा मांगते थे, और इसी आड़ में घरों की रेकी (निगरानी) किया करते थे.
वे शहर में खाली या सुनसान जगहों और घरों को चिन्हित कर अपने अन्य साथियों को इसकी सूचना देते थे, जिसके बाद गिरोह के बाकी साथी रात में आकर चोरी की घटना को अंजाम देकर फरार हो जाते थे. चोरी करने के ठीक अगले दिन वे सारा माल ले जाकर डेहरी के ज्वेलर्स दुकान के संचालक प्रमोद सोनी को बेच दिया करते थे. यह गिरोह पिछले कई महीनों से सक्रिय था. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस कांड में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार छापेमारी की जा रही है और उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.