आशिष शास्त्री/न्यूज11 भारत
सिमडेगा/डेस्क: सिमडेगा जिले के कोनबेगी निवासी एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक डॉ. सिद्धार्थ कुमार प्रसाद ब्रह्मांड की उत्पत्ति के रहस्यों की खोज से जुड़े महत्वपूर्ण शोध कार्य में भाग लेने के लिए जेनेवा रवाना हुए हैं. वे यूरोपियन ऑर्गेनाइजेशन फॉर न्यूक्लियर रिसर्च, जेनेवा में चल रहे विश्वस्तरीय महाप्रयोग से जुड़े शोध में शामिल होंगे. यह शोध ब्रह्मांड की उत्पत्ति और बिग बैंग सिद्धांत से जुड़े महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रश्नों के उत्तर तलाशने के उद्देश्य से किया जा रहा है.
डॉ. सिद्धार्थ कुमार प्रसाद को उनके उत्कृष्ट वैज्ञानिक योगदान के लिए प्रतिष्ठित ब्रेकथ्रू पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है. बताया गया कि यह सम्मान विज्ञान के क्षेत्र में असाधारण शोध एवं उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले वैज्ञानिकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदान किया जाता है. वर्तमान में डॉ. सिद्धार्थ बोस इंस्टीट्यूट कोलकाता में वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत हैं. उनकी प्रारंभिक शिक्षा सिमडेगा के संत अन्ना स्कूल से हुई. जबकि माध्यमिक शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय, गुमला से पूरी की. उन्होंने रांची विश्वविद्यालय से बीएससी एवं एमएससी की डिग्री प्राप्त की तथा वेरिएबल एनर्जी साइक्लोट्रॉन सेंटर कोलकाता से पीएचडी की उपाधि हासिल की. इसके अलावा उन्होंने वेन स्टेट यूनिवर्सिटी, मिशिगन (संयुक्त राज्य अमेरिका) से भी उच्च शिक्षा एवं शोध कार्य किया है. डॉ. सिद्धार्थ के पिता कृष्ण प्रसाद कृषि कार्य से जुड़े रहे हैं और वे लंबे समय तक कोनबेगी पंचायत के मुखिया के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं.
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