कुमार चंदन/न्यूज11 भारत
चतरा/डेस्क: आगामी दुर्गा पूजा और दशहरा पर्व से ठीक पहले चतरा में शराब माफियाओं के खिलाफ एक बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई हुई है. उपायुक्त रवि आनंद को मिली गुप्त सूचना के आधार पर, उत्पाद विभाग और वशिष्ठ नगर जोरी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने औरवा-होसिल गांव में छापेमारी कर अवैध विदेशी शराब की एक विशाल मिनी फैक्ट्री का उद्भेदन किया है. माफियाओं ने त्योहारी सीजन में बड़े पैमाने पर नकली शराब खपाने की पूरी तैयारी कर ली थी, लेकिन प्रशासन की मुस्तैदी ने उनके सारे मंसूबों पर पानी फेर दिया है.
उत्पाद अधीक्षक प्रेम प्रकाश उरांव ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह अवैध फैक्ट्री दिलीप यादव उर्फ करण यादव के घर में संचालित हो रही थी. यहां बेहद शातिराना तरीके से स्पिरिट में कैरेमल और एसेंस मिलाकर जहरीली शराब तैयार की जा रही थी. इस तैयार शराब को रॉयल स्टैग, रॉयल चैलेंज और आइकॉनिक वाइट जैसी नामी ब्रांडेड बोतलों में भरकर नकली होलोग्राम और लेबल लगाए जा रहे थे. शराब छिपाने का तरीका भी हैरान करने वाला था. पुलिस को चकमा देने के लिए माफियाओं ने इस जहरीली शराब को छत पर रखी पानी की आठ बड़ी टंकियों में छिपा रखा था.
अंतरराज्यीय तस्करी के इस नेटवर्क का मुख्य निशाना पड़ोसी राज्य बिहार था. माफिया इन नकली शराब की बोतलों पर फॉर सेल इन पंजाब का स्टीकर चिपकाते थे, ताकि बिहार में शराब पीने वाले लोग इसे पंजाब की असली शराब समझकर महंगे दामों पर खरीदें. इस भंडाफोड़ के बाद इलाके के अवैध शराब कारोबारियों में भारी हड़कंप मच गया है. इस बड़ी छापेमारी में करीब 50 लाख रुपये मूल्य की सामग्री जब्त की गई है.
मौके से 391 पेटी बोतलबंद शराब (करीब 3500 लीटर), 1600 लीटर स्पिरिट, 2000 लीटर तैयार रंगीन शराब, 40 लीटर कैरेमल, और बोतलों को सील करने वाली 3 पंचिंग मशीनें बरामद हुई हैं. छापेमारी की भनक लगते ही मुख्य आरोपी दिलीप यादव, अरुण तिवारी और मिथिलेश यादव मौके से फरार होने में सफल रहे. फिलहाल, सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ झारखंड उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी की जा रही है.
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