विरेन्द्र शर्मा/न्यूज़ 11 भारत
बरही/डेस्क: चौपारण प्रखंड में एक ओर पूरे जिले में NGT के निर्देश पर बालू के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण को लेकर प्रशासन सख्ती के दावे कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ प्रखंड मुख्यालय चौपारण से महज कुछ कदम की दूरी पर खुलेआम 'बालू का खेल' जारी है.
मामला पपरो स्थित प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल के सामने का है. यहां सड़क किनारे बालू और गिट्टी का विशाल भंडार लगाया गया है. स्थानीय लोगों के अनुसार यहां हर दिन ट्रैक्टर और हाइवा से नया स्टॉक पहुंच रहा है और यहां से खुलेआम बिक्री की जा रही है.
कई सवाल खड़े करता है भंडार:
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब NGT की रोक के कारण जिले में सभी बालू घाट बंद हैं, तो इतनी बड़ी मात्रा में बालू आ कहां से रहा है? इसके अलावा भी कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं.
1. क्या इस भंडार के लिए जिला खनन विभाग से कोई वैध लाइसेंस लिया गया है?
2. जो बालू लाया जा रहा है, उसके पास वैध चालान और परिवहन परमिट है या नहीं?
3. प्रखंड मुख्यालय के इतने करीब भंडारण होने के बाद भी प्रशासन की नजर क्यों नहीं पड़ रही?
इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा है कि बिना प्रशासनिक मिलीभगत के मुख्य सड़क पर इस तरह का भंडारण संभव नहीं है. यदि बालू के स्रोत, उसके परिवहन और भंडारण की गहनता से जांच की जाए तो बड़े पैमाने पर अवैध कारोबार का पर्दाफाश हो सकता है.
अब देखना यह होगा कि खबर सामने आने के बाद जिला प्रशासन और खनन विभाग इस पर क्या कार्रवाई करता है, या फिर यह खेल यूं ही चलता रहेगा.
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