मुमताज अहमद/न्यूज11 भारत
खलारी/डेस्क: सीसीएल के एनके-पिपरवार और मगध-आम्रपाली कोयला क्षेत्रों में कोयला चोरी एवं अवैध कोयला गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने को लेकर सीआईएसएफ ने निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है. इसी क्रम में सीआईएसएफ के उप महानिरीक्षक सुमन्त सिंह ने सोमवार को एनके-पिपरवार और मगध-आम्रपाली क्षेत्र का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था, संवेदनशील स्थानों और एमएमडीआर अधिनियम, 1957 के तहत की जा रही कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की.
दौरे के दौरान डीआईजी ने सीआईएसएफ अधिकारियों से क्षेत्र में कोयला चोरी की संभावित गतिविधियों, संवेदनशील स्थानों, ड्यूटी पोस्ट, कोयला परिवहन मार्ग और स्टॉक से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली. उन्होंने अधिकारियों को नियमित गश्त, प्रभावी निगरानी और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए कोयला चोरी की गतिविधियों पर नजर रखने का निर्देश दिया.
एमएमडीआर के तहत अवैध उत्खनन और परिवहन पर नजर
डीआईजी सुमन्त सिंह ने विशेष रूप से अवैध कोयला उत्खनन, संग्रहण और परिवहन से जुड़ी गतिविधियों की रोकथाम पर जोर दिया. उन्होंने संवेदनशील और दुर्गम क्षेत्रों में नियमित निगरानी के साथ आकस्मिक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
उन्होंने कहा कि केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि आम लोगों को भी एमएमडीआर अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देना जरूरी है. इसके लिए जन-जागरूकता अभियान चलाने, स्थानीय स्तर पर सभा और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को अवैध कोयला गतिविधियों के कानूनी परिणामों से अवगत कराने पर जोर दिया गया.
सीआईएसएफ यूनिट एनके एवं पिपरवार के कमांडेंट अमित कुमार के मार्गदर्शन में बल सदस्यों द्वारा स्थानीय स्तर पर जन-जागरूकता कार्यक्रम और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक किए जाने की जानकारी दी गई.
दौरे के दौरान ही 8.280 टन कोयला बरामद
डीआईजी के दौरे के दौरान सीआईएसएफ की टीम ने कोयला चोरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सीएचपी एवं पिपरवार चेक पोस्ट के आसपास घनी घास वाले क्षेत्र से 3.470 टन कोयला बरामद किया. इसकी अनुमानित कीमत 3,383.25 रुपये बताई गई. बरामद कोयले का सीएचपी कांटा घर संख्या-11 में वजन कराने के बाद सीसीएल प्रबंधन को सौंपकर कोल स्टॉक में जमा करा दिया गया.
वहीं, सहायक कमांडेंट मनोहर बरवाहा के नेतृत्व में सीआईएसएफ टीम ने रोहिणी के 09 नंबर क्षेत्र में रेड कर 4.810 टन कोयला बरामद किया. बरामद कोयले की अनुमानित कीमत 17,321.87 रुपये आंकी गई है. भारी बारिश के बावजूद जवानों ने कार्रवाई जारी रखी और अवैध रूप से रखे कोयले को जब्त कर आवश्यक प्रक्रिया के बाद सीसीएल प्रबंधन को सौंप दिया.
दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों पर विशेष निगरानी
डीआईजी ने दुर्गम एवं पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित खदानों और संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की. उन्होंने नियमित ड्यूटी पोस्ट के साथ ऐसे क्षेत्रों में भी प्रभावी निगरानी और आकस्मिक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया, जहां कोयला चोरी की आशंका अधिक रहती है.
एनके-पिपरवार क्षेत्र के प्रमुख ड्यूटी पोस्टों की जानकारी लेने के साथ प्रत्येक क्षेत्र की संवेदनशीलता के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई. वहीं, मगध-आम्रपाली क्षेत्र में सीआईएसएफ की सुरक्षा व्यवस्था और वर्तमान गतिविधियों की भी जानकारी ली गई.
बैठक में कोयला चोरी की रोकथाम, संवेदनशील स्थानों की पहचान, एमएमडीआर अधिनियम के तहत कार्रवाई, कोयला परिवहन की निगरानी और सीसीएल संपत्ति की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया.
इस अवसर पर सीआईएसएफ कमांडेंट अमित कुमार, उप कमांडेंट अजय कुमार पाण्डेय, सहायक कमांडेंट हर्ष लावणिया एवं सहायक कमांडेंट मनोहर बरवाहा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.
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