अरुण कुमार यादव/न्यूज11 भारत
गढ़वा/डेस्क: गढ़वा जिले में आपूर्ति विभाग की कार्यप्रणाली एवं सप्लाई चैन मैनेजमेंट सिस्टम में आवश्यक सुधार को लेकर गढ़वा उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में गढ़वा समाहरणालय के सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (JSFSS) सहित राशन वितरण एवं लाभुकों के e-KYC से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई. बैठक के दौरान गढ़वा उपायुक्त ने सितंबर 2026 में NFSA के तहत खाद्यान्न के उठाव एवं डोर स्टेप डिलीवरी (DSD), खाद्यान्न वितरण तथा JSFSS के तहत DSD एवं वितरण की प्रखंडवार स्थिति की समीक्षा की. साथ ही अक्टूबर 2026 के NFSA एवं JSFSS के डोर स्टेप डिलीवरी , खाद्यान्न की आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था को समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. गढ़वा उपायुक्त ने NFSA एवं JSFSS के तहत सितंबर 2026 में चना दाल एवं नमक के वितरण की स्थिति की भी समीक्षा की. उन्होंने पाया कि कुछ प्रखंडों में दाल एवं नमक का वितरण नहीं किया गया है. इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए जिन-जिन प्रखंडों में दाल एवं नमक का वितरण नहीं हुआ है, वहां के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश जिला आपूर्ति पदाधिकारी को दिया.
e-KYC की अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर उपायुक्त नाराज
बैठक में NFSA एवं JSFSS के लाभुकों के e-KYC की प्रगति की भी समीक्षा की गई. चिनियां एवं रमकंडा प्रखंड में e-KYC की अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को संबंधित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों से इस संबंध में स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया. बैठक में लाभुकों के राइटफुल टार्गेटिंग KPI Phase-1 एवं Phase-2 की समीक्षा की गई. इसके अंतर्गत संदिग्ध आधार (सस्पेक्टेड आधार ), RCMS में 18 वर्ष से कम एवं 100 वर्ष से अधिक आयु वाले सदस्य, साइलेंट RC में दर्ज सदस्य तथा डुप्लीकेट बेनिफिसियरीज की पहचान एवं आवश्यक कार्रवाई से संबंधित प्रगति पर चर्चा की गई.
पात्र लाभुकों तक खाद्यान्न का लाभ सुनिश्चित करने का निर्देश
साथ ही गढ़वा उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पात्र लाभुकों तक खाद्यान्न का लाभ सुनिश्चित करने के साथ-साथ अपात्र, डुप्लीकेट अथवा संदिग्ध प्रविष्टियों की पहचान कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए. उपायुक्त ने आपूर्ति विभाग के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि राशन वितरण से संबंधित किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं रहनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कार्य में लापरवाही अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित दोषियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. साथ ही उपायुक्त ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को अपने-अपने लंबित कार्यों का शीघ्र निष्पादन करने तथा संवेदनशीलता एवं पूरी जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश दिया.
AGМ और BSO के विरुद्ध संयुक्त रूप से FIR की चेतावनी
उपायुक्त ने साफ शब्दो में स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि केतार एवं मेराल की तर्ज पर यदि किसी स्थान पर तीसरी बार ऐसी घटना दोहराई जाती है, तो संबंधित AGМ एवं BSO के विरुद्ध संयुक्त रूप से FIR दर्ज कराई जाएगी. उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह सजग रहने का निर्देश दिया. उन्होंने AGM को अपने-अपने क्षेत्र में खाद्यान्न के उठाव, भंडारण एवं वितरण की नियमित निगरानी करने का निर्देश देते हुए कहा कि खाद्यान्न से संबंधित किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी. उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि लापरवाही करने वाले अधिकारियों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.
कई योजनाओं की उपायुक्त ने की समीक्षा
बैठक में NFSA एवं JSFSS के तहत खाद्यान्न वितरण, DSD, चना दाल एवं नमक वितरण, e-KYC, राइटफुल टार्गेटिंग KPI Phase-1 एवं Phase-2, तथा सितंबर 2025/वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली छमाही से संबंधित धोती-साड़ी वितरण की स्थिति की भी समीक्षा की गई. साथ ही AGRS से संबंधित प्रगति एवं लंबित कार्यों पर भी चर्चा की गई.
गढ़वा उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि आपूर्ति व्यवस्था से जुड़े सभी कार्यों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं जवाबदेह तरीके से पूरा करें तथा लाभुकों को सरकार की योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें. बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी देवानंद राम, सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, AGM सहित आपूर्ति विभाग के अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे.