बाबूलाल मरांडी

मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति जल्द कराने की मांग, बाबूलाल मरांडी ने CM को लिखा पत्र

मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति अब तक लंबित रखने और आयोग का कामकाज शुरू नहीं होने के संबंध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है. 

By : Dipali Kumari
मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति जल्द कराने की मांग, बाबूलाल मरांडी ने CM को लिखा पत्र

न्यूज़11 भारत 
रांची/डेस्क: 
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति अब तक लंबित रखने और आयोग का कामकाज शुरू नहीं होने के संबंध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है. 
उन्होंने मुख्यमंत्री से मुख्य सूचना आयुक्त के चयन हेतु संबंधित समिति की बैठक अविलंब बुलाने, नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कराने और राज्य सूचना आयोग में अपीलों एवं शिकायतों की नियमित सुनवाई प्रारंभ को सुनिश्चित करने की मांग की है. साथ ही इन कार्यों की स्पष्ट समय सीमा से अवगत कराने की भी मांग उन्होंने मुख्यमंत्री से की है.

 

संबंधित सामग्री

पाकुड़: महेशपुर कृषि विज्ञान केंद्र में निकला जहरीला कोबरा, मची अफरा-तफरी  

पाकुड़: महेशपुर कृषि विज्ञान केंद्र में निकला जहरीला कोबरा, मची अफरा-तफरी  

सांप को देखते ही वहां मौजूद कर्मचारियों और लोगों में अफरा-तफरी मच गई.

बोकारो: CCL गोविंदपुर परियोजना में CBI की बड़ी कार्रवाई, रिश्वत लेते दो क्लर्क रंगे हाथ गिरफ्तार

बोकारो: CCL गोविंदपुर परियोजना में CBI की बड़ी कार्रवाई, रिश्वत लेते दो क्लर्क रंगे हाथ गिरफ्तार

दोनों कर्मियों को गिरफ्तार करने के बाद सीबीआई की टीम अपने साथ ले गई है.

रांची: DSPMU में 24 सितंबर को दीक्षांत समारोह, 142 छात्रों को मिलेगा गोल्ड मेडल 

रांची: DSPMU में 24 सितंबर को दीक्षांत समारोह, 142 छात्रों को मिलेगा गोल्ड मेडल 

142 छात्रों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गोल्ड मेडल दिया जायेगा, जिसमें 93 छात्राएं और 49 छात्रों का नाम शामिल है.  

CM हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन की बिगड़ी तबीयत, हिल व्यू अस्पताल में भर्ती

CM हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन की बिगड़ी तबीयत, हिल व्यू अस्पताल में भर्ती

सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद रूपी सोरेन को हिल व्यू अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 

JPSC-JSSC परीक्षा रद्द करने के मामले में 7 अक्टूबर को अगली सुनवाई 

JPSC-JSSC परीक्षा रद्द करने के मामले में 7 अक्टूबर को अगली सुनवाई 

मामले में कोर्ट की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए प्रार्थियों को समय दिया गया है.