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देवघर/डेस्क: बाबा की नगरी देवघर में आज बुधवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट हॉस्पिटल का उद्घाटन किया. उद्घाटन समारोह में गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे बतौर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. निशिकांत दुबे ने कहा कि ये अस्पताल सिर्फ देवघर ही नहीं बल्कि पूरे झारखंड के लिए बड़ी सौगात है. उन्होंने उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए सीएम हिमंता बिस्वा सरमा का आभार जताते हुए कहा कि अगर हिमंता नहीं होते, तो अस्पताल का सपना कभी साकार नहीं होता.
यह अस्पताल 750 बेड के साथ शुरू हुआ है. धीरे-धीरे यहां और भी अधिक सुविधाएँ बढ़ाई जाएगी, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज के लिए कहीं दूर नहीं जाना पड़ेगा.
इलाज के अभाव में हुई थी बहन की मृत्यु- निशिकांत दुबे
सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि स्वास्थ्य उनके लिए कोई राजनीति का विषय नहीं है. उन्होंने बताया कि बेहतर इलाज के अभाव में उनकी बहन की मृत्यु हो गयी थी. उसी वक्त से स्वास्थ्य उनके लिए एक जुनून बन गया. और आज यह अस्पताल उनके लिए सपना सच होने जैसा है. हॉस्पिटल का मुख्य उद्देश्य जनसेवा को आगे बढ़ाने का कार्य है.
उन्होंने कहा कि असम के सीएम ने भी 16 मेडिकल कॉलेज बनवाए हैं. उन्होंने सीएम से आग्रह करते हुए कहा कि जब कभी आप बाबा का आशीर्वाद लेने देवघर आयेंगे, तो इस अस्पताल का भी भ्रमण जरूर कीजियेगा और जो भी कमियां मिलेगी, उसे भी जरूर बताइयेगा.

जल्द मेडिकल टूरिज्म का भी हब बनेगा देवघर- सीएम हिमंता
वहीं मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि बाबा की धरती पर आज एक बहुत बड़ा कार्य हुआ है. देवघर में विकास का उदाहरण दिख रहा है. देश के किसी भी सांसद ने इतना विकास नही किया है. हॉस्पिटल का अर्चिटेक भी बहुत ही बढ़िया है.
देवघर में एम्स और बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट हॉस्पिटल दोनों स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करेगा. इतना ही नहीं आने वाले समय में देवघर मेडिकल टूरिज्म का भी हब बनेगा.

सीएम ने कहा कि हमारे देश में डॉक्टर कैसे बनाया जाए इसकी चिंता नही है. वर्ष 2016 में भारत में बहुत बड़ा परिवर्तन हुआ. वर्ष 2014 में जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने तब देश में कुल 387 मेडिकल कॉलेज थे. और अब देश में कुल 847 मेडिकल कॉलेज हैं. आज देश
1,49,464 डॉक्टर प्रोड्यूस करता है. उन्होंने कहा कि मैं प्रत्येक वर्ष 2 मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन करता हूं. झारखंड को नए मेडिकल कॉलेज की जरूरत है, जो 100-150 डॉक्टर देने का कार्य करेगा. इससे बड़ा मानव सेवा हो ही नही सकता.
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