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रांची/डेस्क: माध्यमिक आचार्य नियुक्ति से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले से संबंधित जनहित याचिका (PIL) को निष्पादित कर दिया. हालांकि, अदालत ने नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के लिए कोई निश्चित समय-सीमा तय करने से इनकार कर दिया. सुनवाई के दौरान झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से अदालत को नियुक्ति प्रक्रिया की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी गई. JSSC ने बताया कि 877 चयनित अभ्यर्थियों की अनुशंसा राज्य सरकार को भेजी जा चुकी है. वहीं, 204 पदों के लिए उपयुक्त अभ्यर्थी नहीं मिलने की जानकारी भी कोर्ट को दी गई.
आयोग ने बताया कि 292 अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया फिलहाल जारी है. इन अभ्यर्थियों को शो-कॉज नोटिस भी जारी किया गया है. सुनवाई के दौरान JSSC की ओर से मामले में एकलपीठ द्वारा दिए गए फैसले की भी जानकारी अदालत को दी गई. JSSC की ओर से कोर्ट को यह भी बताया गया कि मामले में कथित हैकिंग से जुड़े पहलू की जांच के लिए अदालत ने CID जांच का आदेश दिया है. मामले में JSSC की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल ने पक्ष रखा, जबकि याचिकाकर्ता की ओर से वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार ने अदालत के समक्ष दलीलें पेश कीं. माध्यमिक आचार्य नियुक्ति को लेकर यह याचिका तालेश्वर महतो समेत अन्य की ओर से दाखिल की गई थी. मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ में हुई.
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