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रांची/डेस्क: देवघर एम्स की आधारभूत सुविधाओं से जुड़े मामले में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की जनहित याचिका पर आज गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान निशिकांत दुबे की ओर से एम्स में मौजूद कमियों को लेकर सिनॉप्सिस दाखिल किया गया.
सिनॉप्सिस में बताया गया कि 132/33 केवी पावर सब-स्टेशन अब तक चालू नहीं हुआ है. इसके अलावा केंद्रीय विद्यालय, पुनासी डैम से सीधे पानी की सप्लाई और सुगम आवागमन के लिए रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के निर्माण की आवश्यकता का मुद्दा भी उठाया गया.
वहीं, 24 मंजिला भवन के अनुरूप फायर सेफ्टी व्यवस्था नहीं होने की बात कही गई. मौजूदा अग्निशमन व्यवस्था केवल 5-6 मंजिला इमारतों तक सीमित होने का दावा किया गया. एम्स के लिए प्रस्तावित 237 एकड़ भूमि के मुकाबले अब तक 217 एकड़ भूमि ही उपलब्ध होने की बात भी अदालत के सामने रखी गई.
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कहा कि सभी आवश्यकताओं का अनुपालन किया जा चुका है और इस संबंध में एफिडेविट दाखिल कर स्थिति स्पष्ट की गई है. सरकार ने एम्स के प्रभावी संचालन के लिए हर संभव प्रयास करने की बात कही.
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को उठाए गए सभी बिंदुओं पर बिंदुवार और विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. निशिकांत दुबे की ओर से अधिवक्ता दिवाकर उपाध्याय और राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता विभोर मयंक ने पक्ष रखा. मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी.
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