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चतरा/डेस्क: झारखंड में कोयले के अवैध खनन और चोरी के खिलाफ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है. सीसीएल (CCL) के एनके-पिपरवार और मगध-आम्रपाली क्षेत्रों में सीआईएसएफ ने दो अलग-अलग बड़ी कार्रवाइयों को अंजाम देते हुए कुल 70 टन अवैध कोयला और खनन में इस्तेमाल होने वाले भारी उपकरण बरामद किए हैं. लगातार हो रही इस ताबड़तोड़ छापेमारी से कोयला माफियाओं और अवैध कारोबारियों में भारी हड़कंप मच गया है.
पहली बड़ी कार्रवाई सीसीएल के एनके और पिपरवार क्षेत्र के धमधमिया जंगल में हुई. गुरुवार को सीआईएसएफ कमांडेंट अमित कुमार के नेतृत्व में रेड टीम ने सघन कॉम्बिंग अभियान चलाकर अवैध खनन के कई 'जुगाड़' और उपकरणों को मौके पर ही ध्वस्त कर दिया. टीम ने जंगल में छिपाकर रखा गया करीब 20 टन कोयला, 80 किलो विद्युत तार और एक इलेक्ट्रिक सबमर्सिबल पंप बरामद किया है. सहायक कमांडेंट मनोहर बरवाहा, निरीक्षक एल.एस. मिंज और पंकज झा की टीम ने सीसीएल कर्मियों की मदद से मौके पर बिछाए गए अवैध बिजली कनेक्शन भी काट दिए. बरामद कोयले को सुरक्षित डंप में रखवाने के लिए सीसीएल प्रबंधन से लॉजिस्टिक सहयोग मांगा गया है.
दूसरी बड़ी सफलता टंडवा स्थित मगध-अम्रपाली क्षेत्र में मिली. यहां सीआईएसएफ के सहायक कमांडेंट सुभाष कुमार के निर्देश और निरीक्षक एस.एन. व्यास के नेतृत्व में फुलबसिया साइडिंग के पीछे छापेमारी की गई. निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि माफियाओं ने अवैध रूप से भारी मात्रा में कोयला डंप कर रखा है. मौके से करीब 50 टन अवैध कोयला बरामद किया गया है. सीआईएसएफ अब इस कोयले के स्रोत और इसके पीछे सक्रिय माफियाओं का पता लगाने में जुटी है.
कमांडेंट अमित कुमार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि राष्ट्रीय संपत्ति की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सीआईएसएफ अब सीमित संसाधनों के बावजूद 24 घंटे गश्त के साथ-साथ ड्रोन कैमरे से भी अवैध खनन स्थलों पर पैनी नजर रख रही है. दोषियों पर MMDR एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है. कठोर प्रशासनिक कार्रवाई के साथ ही सीआईएसएफ स्थानीय लोगों को जागरूक कर मुख्यधारा और सामान्य जीवन से जोड़ने की भी सार्थक पहल कर रही है, ताकि क्षेत्र में कानूनसम्मत और शांतिपूर्ण वातावरण बना रहे.
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