संतोष श्रीवास्तव/न्यूज़ 11भारत
पलामू/डेस्क: झारखंड के पलामू जिले में जिला पुलिस और खनन विभाग ने एक महत्वपूर्ण संयुक्त कार्रवाई करते हुए खनिज तस्करी के एक बड़े और संगठित रैकेट का पर्दाफाश किया है. पुलिस को पिछले कुछ समय से यह गुप्त सूचना मिल रही थी कि कुछ वाहन मालिक और क्रशर संचालक मिलकर एक जालसाजी कर रहे हैं, जिसके तहत वे मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे पड़ोसी राज्यों से फर्जी चालान तैयार करवाकर अवैध रूप से खनिज की ढुलाई कर पलामू पहुँचा रहे हैं. इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए, जिला खनन पदाधिकारी के निर्देश पर, 10 और 11 नवंबर को छत्तरपुर थाना क्षेत्र में एक विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया.
इस अभियान के दौरान, पुलिस ने संदेह के आधार पर कई वाहनों को रोका और उनके दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की. जिन वाहनों को जांच के लिए रोका गया उनमें BR03GA6744, BR03GA4470, BR03GA7414, NL01AH5868, और CG15EDB897 नंबर वाले पाँच ट्रक शामिल थे. दस्तावेजों की विस्तृत जाँच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि ये सभी वाहन, जो अवैध रूप से रेत समेत अन्य खनिज पलामू ला रहे थे, एक ही चालान का इस्तेमाल करके बार-बार ट्रिप कर रहे थे. यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए राजस्व को हानि पहुँचाई जा रही थी और खनिज का अवैध परिवहन किया जा रहा था.
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन पाँचों ट्रकों को जब्त कर लिया और मौके से एक ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. इस गंभीर अपराध को देखते हुए, छत्तरपुर थाने में दो अलग-अलग प्राथमिकी (FIR)—छत्तरपुर थाना कांड सं. 228/25 और 229/25—दर्ज की गई हैं. इन प्राथमिकियों में BNS 2023 (भारतीय न्याय संहिता), 21 MMDR (माइन्स एंड मिनरल्स डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन एक्ट), और 13 Jharkhand Minerals (Prevention of Illegal Mining, Transportation and Storage) Rules, 2017 की संबंधित गंभीर धाराएँ लगाई गई हैं. पुलिस और खनन विभाग अब इस मामले में गिरफ्तार चालक से पूछताछ के अलावा, अन्य संलिप्त व्यक्तियों जैसे वाहन मालिकों, क्रशर संचालकों और रैकेट के सरगनाओं की भूमिका की भी गहनता से जांच कर रहे हैं. यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि प्रशासन खनिज तस्करी के इस बड़े खेल पर नकेल कसने के लिए प्रतिबद्ध है.
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