मुमताज अहमद/न्यूज़11 भारत
खलारी/डेस्क: मुहर्रम के अवसर पर खलारी पंचायत स्थित गुलजार बाग (मिशन मोड़) में हुसैनी अहले सुन्नत कमेटी द्वारा पारंपरिक ताजिया जुलूस श्रद्धा, अनुशासन और आपसी सौहार्द के वातावरण में निकाला गया. कार्यक्रम में इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की कुर्बानी को याद करते हुए सत्य, न्याय, त्याग और इंसानियत के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया गया.
मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना और इस्लाम के चार पवित्र महीनों में से एक है. यह खुशी का नहीं, बल्कि पैगंबर हजरत मुहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की कर्बला में दी गई महान शहादत को स्मरण करने का अवसर है. उनका बलिदान अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध डटकर खड़े रहने तथा सत्य और इंसाफ के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है.
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) की प्रतिनिधि रंजना गिरि तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में जामा मस्जिद के सचिव फैयाजुद्दीन सिद्दीकी का कमेटी की ओर से माल्यार्पण कर स्वागत किया गया.
इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्रा गुंजन कुमारी को संविधान की पुस्तक एवं कलम देकर सम्मानित किया गया. वहीं सुल्तान अंसारी तथा आसना प्रवीण को भी मोमेंटो एवं कलम देकर सम्मानित किया गया. वक्ताओं ने मेधावी विद्यार्थियों को समाज की प्रेरणा बताते हुए सरकार से ऐसे होनहार छात्रों को छात्रवृत्ति एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की.
मुख्य अतिथि रंजना गिरि ने कहा कि मुहर्रम सत्य, न्याय, त्याग और मानवता की रक्षा के लिए संघर्ष की प्रेरणा का प्रतीक है. कर्बला की शहादत पूरी दुनिया को यह संदेश देती है कि अन्याय और अत्याचार के सामने कभी झुकना नहीं चाहिए. उन्होंने कहा कि शिक्षा, सामाजिक एकता और भाईचारा एक मजबूत राष्ट्र की नींव हैं. सभी धर्मों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए, क्योंकि शिक्षित समाज ही बेहतर और विकसित समाज का निर्माण करता है.
विशिष्ट अतिथि फैयाजुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों से समाज के अन्य युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए. उन्होंने झारखंड सरकार से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने के लिए छात्रवृत्ति सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि राज्य के बच्चे उच्च पदों पर पहुंचकर देश का नाम रोशन करें.
समाजसेवी हाबुल अंसारी ने कहा कि इमाम हुसैन की शहादत किसी एक समुदाय की नहीं, बल्कि पूरी मानवता की अमूल्य धरोहर है. उनका जीवन सिखाता है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, सत्य और इंसाफ का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज को नई दिशा और नई सोच देती है तथा सभी समुदायों के बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक होना चाहिए.
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए समाज में शांति, भाईचारे, सांप्रदायिक सौहार्द और मानवीय मूल्यों को मजबूत बनाने का संकल्प लिया. इस अवसर पर हुसैनी अहले सुन्नत कमेटी गुलजार बाग के गुलाम रब्बानी, कलीम अहमद, आरिफ अंसारी, अनीस अहमद, मुमताज अहमद, मुस्तफा अंसारी, मुख्तार अंसारी, गुलजार अंसारी, मुस्तफा अंसारी,अनिस अहमद, मोतीयूर रहमान, आरिफ अहमद सहित कमेटी के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में नौजवान एवं ग्रामीण उपस्थित थे.