संतोष कुमार/न्यूज11 भारत
सरायकेला/डेस्क: सरायकेला-खरसावां के जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में स्वैच्छिक रक्तदान एवं रक्त संग्रहण को सुदृढ़ करने तथा आवश्यकता के समय पर्याप्त रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बैठक आयोजित की गई. बैठक में सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद राय, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), उपाधिक्षक सदर अस्पताल, सचिव रेड क्रॉस सोसाइटी एवं अन्य समिति सदस्य उपस्थित रहे.
बैठक में जिले में रक्त संग्रहण की वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा करते हुए रक्त की आवश्यकता के अनुरूप नियमित एवं पर्याप्त रक्त संग्रहण सुनिश्चित करने तथा स्वैच्छिक रक्तदान को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की गई. इस दौरान विभिन्न विभागों, औद्योगिक संस्थानों, सुरक्षा बलों तथा शैक्षणिक संस्थानों को रक्तदान अभियान से जोड़कर नियमित रक्त संग्रहण की व्यवस्था सुदृढ़ करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.
पुलिस, सशस्त्र बल एवं होमगार्ड के जवानों की सहभागिता सुनिश्चित करने का निर्देश
बैठक में पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) को निर्देश दिया गया कि उनके मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण में पुलिस बल, सशस्त्र बल एवं होमगार्ड के जवानों के लिए निर्धारित अंतराल पर नियमानुसार नियमित रक्तदान शिविरों का आयोजन सुनिश्चित किया जाए. शिविरों के माध्यम से अधिकाधिक जवानों को स्वैच्छिक एवं सुरक्षित रक्तदान के लिए प्रेरित करते हुए उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि रक्त संग्रहण को नियमित एवं सुदृढ़ बनाया जा सके.
औद्योगिक संस्थानों में रोस्टर तैयार कर नियमित रक्तदान शिविर आयोजित करने का निर्देश
जिले के विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर संस्थानवार रोस्टर तैयार करने का निर्देश दिया गया. निर्धारित रोस्टर के अनुसार संबंधित औद्योगिक संस्थानों में नियमित अंतराल पर विशेष रक्तदान शिविर आयोजित कर स्वैच्छिक रक्त संग्रहण सुनिश्चित करने तथा संस्थानों के कर्मियों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया.
विद्यालय एवं महाविद्यालयों में रक्तदान के महत्व एवं लाभ के प्रति विद्यार्थियों को किया जाएगा जागरूक
बैठक में विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर रक्तदान के महत्व, आवश्यकता एवं मानवीय लाभों के संबंध में विद्यार्थियों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया. विभिन्न जागरूकता गतिविधियों एवं माध्यमों के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने तथा उन्हें अपने परिवार एवं समाज के अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करने हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा.
जिला एवं प्रखंड स्तर पर नियमित रक्तदान गतिविधियों के आयोजन पर जोर
बैठक में निर्देश दिया गया कि रक्त संग्रहण को केवल विशेष अवसरों तक सीमित न रखते हुए जिला एवं प्रखंड स्तर पर नियमित रूप से रक्तदान शिविर एवं जागरूकता संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया जाए. इसके लिए संबंधित विभागों, संस्थानों, सामाजिक संगठनों एवं अन्य हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित कर चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया.
आयोजित रक्तदान शिविरों एवं जागरूकता गतिविधियों का समुचित अभिलेख संधारित करते हुए रक्त संग्रहण की प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा आवश्यकता के अनुरूप आगामी गतिविधियों की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया.
जरूरतमंद मरीजों के लिए समय पर रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्राथमिकता
जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त ने कहा कि समय पर जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराना एक महत्वपूर्ण मानवीय दायित्व है. स्वैच्छिक रक्तदान को जन-अभियान का स्वरूप देते हुए विभिन्न संस्थानों एवं समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि जिले में रक्त की उपलब्धता को निरंतर सुदृढ़ रखा जा सके.
उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों एवं समिति सदस्यों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार नियमित रक्त संग्रहण, रक्तदान शिविरों एवं जागरूकता गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने का निर्देश दिया.
स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आमजनों से आगे आने की उपायुक्त ने की अपील
जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने जिले के आमजनों से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने एवं नियमित रक्तदान अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की. उन्होंने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है तथा आवश्यकता के समय रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में स्वैच्छिक रक्तदाताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है.
उन्होंने स्वस्थ एवं पात्र नागरिकों, युवाओं, सामाजिक संगठनों, औद्योगिक संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों तथा विभिन्न संगठनों से अपील की कि वे स्वेच्छा से रक्तदान करें तथा अपने परिवार, मित्रों एवं आसपास के लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करें.
उन्होंने कहा कि नियमित एवं स्वैच्छिक रक्तदान के माध्यम से न केवल जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सकता है, बल्कि समाज में मानवीय सेवा एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत किया जा सकता है. आमजन अधिकाधिक संख्या में स्वैच्छिक रक्तदान अभियान से जुड़कर जरूरतमंद मरीजों के जीवन की रक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें.
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