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धनबाद/डेस्क: सोशल मीडिया के पोस्ट ने एक बिछड़े परिवार को फिर से मिला दिया. दरअसल तमिलनाडु के सेलम से वापस लौटने के दौरान विजयवाड़ा में लापता हुआ 48 वर्षीय मजदूर सुकर तुरी 20 दिन बाद सकुशल वापस अपने घर धनबाद लौट आये. परिवार ने जब पिता की तलाश में सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो पोस्ट किया, तो यह पोस्ट विजयवाड़ा में काम कर रहे रांची के एक युवक अमृत पांडेय तक पहुंची. संयोग से अमृत को सड़क पर भटकते हुए सुकर तुरी मिल गए. इसके बाद इंस्टाग्राम वीडियो कॉल के जरिए पिता और बेटे की बात हुई और परिवार की उम्मीद फिर से लौट आई.
गोविंदपुर के मचामहुल गांव निवासी 48 वर्षीय सुकर तुरी आर्थिक तंगी के कारण तमिलनाडु के सेलम में मजदूरी करने गए थे. 9 अगस्त को वह अपने साथियों के साथ वापस घर लौट रहे थे. इसी दौरान विजयवाड़ा में वह अपने साथियों से बिछड़ गए. जेब में पैसे नहीं थे और किसी से संपर्क करने का भी कोई साधन नहीं था. ऐसे में सुकर तुरी अनजान शहर में करीब 20 दिनों तक भटकते रहे.
इधर घर पर परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही थी.
इसी बीच पिता की तलाश में बेटे गुड्डू तुरी ने इंस्टाग्राम पर सुकर तुरी की फोटो और वीडियो पोस्ट कर लोगों से मदद की अपील की. यही पोस्ट विजयवाड़ा में काम कर रहे रांची के युवक अमृत पांडेय तक पहुंची. संयोग से अमृत को सड़क पर भटकते हुए सुकर तुरी दिखाई दिए.फोटो देखकर उन्होंने पहचान कर ली और तुरंत इंस्टाग्राम के जरिए गुड्डू से संपर्क किया.
अमृत पांडेय ने वीडियो कॉल के जरिए गुड्डू की उसके पिता सुकर तुरी से बात कराई. स्क्रीन पर पिता को देखते ही बेटे और परिवार की आंखों में राहत साफ दिखाई दी. इसके बाद सुकर को सुरक्षित घर वापस लाने की कोशिश शुरू हुई. परिजनों ने पिता को वापस लाने के लिए स्थानीय झामुमो नेता अताउल्ला अंसारी से मदद मांगी. अताउल्ला अंसारी ने भी मदद का हाथ बढ़ाया और जरूरी सहयोग उपलब्ध कराया. आखिरकार 29 अगस्त की रात सुकर तुरी सुरक्षित अपने गांव मचामहुल पहुंच गए. लंबे इंतजार के बाद पिता को सामने देखकर परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. परिजनों और स्थानीय लोगों ने गाजे-बाजे के साथ उनका स्वागत किया.
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