नीरज कुमार साहू/न्यूज़11 भारत
गुमला/डेस्क: प्रखंड के गुरजंडीह गाँव में स्थानीय महिलाओं को कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया. यह पहल Nudge संस्था के ब्लॉक लीड मुकेश कुमार रजक के मार्गदर्शन और JSLPS से (NJS) संगीता देवी के सहयोग से की गई. इस कार्यशाला का आयोजन पीजेएए (PJAA) लाभार्थी कुंती देवी के आवास पर किया गया, जहाँ महिलाओं को मिर्च और टमाटर की उन्नत नर्सरी तैयार करने का प्रशिक्षण दिया गया.
स्थानीय संसाधनों से खेती को नया आयाम
कार्यशाला में ग्रामीणों को नर्सरी तैयार करने की वैज्ञानिक और सरल तकनीकों का विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया. इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि नर्सरी तैयार करने में पूरी तरह से घर में उपलब्ध स्थानीय संसाधनों का उपयोग किया गया, जिससे इस पर कोई अतिरिक्त खर्च नहीं आया. महिलाओं को सिखाया गया कि कैसे वे कम लागत में अपने घर पर स्वस्थ और मजबूत पौधे तैयार कर सकती हैं.
आमदनी का नया जरिया
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें उद्यमी बनाना भी है. मुकेश कुमार रजक ने बताया कि यदि महिलाएँ अपने घर पर स्वस्थ पौधे तैयार करती हैं, तो वे न केवल अपनी खेती में इसका उपयोग कर पाएंगी, बल्कि अतिरिक्त पौधों को स्थानीय बाजारों में बेचकर अपनी आर्थिक स्थिति में भी सुधार ला सकेंगी.
बारिश से बचाव के लिए खास इंतजाम
पौधों को खराब मौसम और बारिश से बचाने के लिए उन्हें प्लास्टिक से ढकने का तरीका सिखाया गया. फिलहाल, उपलब्ध संसाधनों के तहत नीले प्लास्टिक का उपयोग किया गया है, लेकिन भविष्य में पौधों के बेहतर विकास और धूप की सही उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सफेद प्लास्टिक का उपयोग करने का सुझाव दिया गया है. इस पहल से गाँव की अन्य महिलाओं में भी काफी उत्साह है. वे अब अपने घरों में छोटी नर्सरी लगाकर खेती को एक लाभदायक व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित हो रही हैं.