अजीत कुमार/न्यूज 11 भारत
बालूमाथ: प्रखंड अंतर्गत गणेशपुर पंचायत के हुंडराटांड टोला में दिल को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है. हजारों की आबादी वाली टोला में ग्रामीणों के पास शमशान घाट जाने के लिए पहुंच पथ का घोर अभाव है .बीते दिनों गांव के एक व्यक्ति की निधन हो गई थी. जिसके अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट फसल लगाये गए खेतों, नदी के बीच जोखिम उठाकर शव को ले जाते नजर आए. यहां तक की शमशान घाट पर भी कोई सरकारी योजना की सुविधा तक नहीं है. ना ही पानी और न हीं यात्री शेड बनाई गई है.
इस संबंध में ग्रामीणों से पूछे जाने पर उन्होंने पंचायत की जनप्रतिनिधि पर नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि कई बार ग्राम सभा और संबंधित पंचायत के जन प्रतिनिधियों को अर्जी लगाई पर श्मशान घाट तक जाने वाली लगभग डेढ़ किलोमीटर तक की सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है. बताया कि इस मुक्ति धाम पर पीढ़ी दर पीढ़ी शवों का अंतिम संस्कार किया जाता रहा है. बरसात के दिनों में खेत नदी पगडंडी वाली रस्ते से जोखिम उठाकर किसी तरह शमशानघाट पहुंच पाते हैं. ग्रांव के बिनोद उरांव, तेतरा उरांव, हीरा लाल,संजय साव आदि दर्जनों ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक एवं प्रखंड प्रशासन से यथा शीघ्र श्मशान घाट के लिए पहुंच पथ और मुक्ति धाम की विकाश की मांग की है.
दिया तले अंधेरा
बता दें कि इस पंचायत में ही एशिया की बड़ी कोलवरी सीसीएल की मगध कोल माइंस वर्षों से संचालित है . इस माइंस के DMFT फंड से पूरा जिला विकास योजनाओं से व्यवस्थित हो रहा है .पर इस पंचायत माइंस से महज चंद किलोमीटर की दूरी पर... विकाश से अछूता है.
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