न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में सहयोग के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नामित 311 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया. प्रशिक्षण के दौरान उन्हें लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 तथा भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपने दायित्वों का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से निर्वहन करने का निर्देश दिया गया.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि एसआईआर का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे और किसी भी अपात्र व्यक्ति अथवा विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज न हो. इस उद्देश्य की प्राप्ति में निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी तथा अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है. सभी पदाधिकारी भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित वैधानिक प्रावधानों एवं प्रक्रियाओं का अक्षरशः अनुपालन करते हुए मतदाताओं को हर संभव सुविधा प्रदान करें.
प्रशिक्षण के दौरान अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को 24 अगस्त से प्रारंभ होने वाली सुनवाई की प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई. उन्हें मतदाताओं द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों की जांच, दावे एवं आपत्तियों का परीक्षण, संबंधित मतदाता को नोटिस जारी करने, सुनवाई का अवसर प्रदान करने तथा प्रत्येक मामले में तथ्यों एवं अभिलेखों के आधार पर स्पष्ट एवं सकारन स्पीकिंग ऑर्डर तैयार करने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया. साथ ही, नो-मैप, तार्किक विसंगति एवं अन्य श्रेणियों से संबंधित मामलों के निष्पादन के क्रम में अपनाई जाने वाली निर्धारित प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई.
के रवि कुमार ने कहा कि किसी भी मतदाता के मामले में निर्णय लेते समय संबंधित मतदाता को अपना पक्ष रखने एवं आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का समुचित अवसर दिया जाए. प्रत्येक मामले का निष्पादन पूरी सावधानी एवं भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों को ध्यान में रखकर किया जाना आवश्यक है.
के रवि कुमार ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने तक नामित अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी के समान दायित्वों का निर्वहन करेंगे. इनके द्वारा पारित किए गए आदेशों को जिला निर्वाचन पदाधिकारी के स्तर पर ही अपील किया जा सकता है. वे निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों के मार्गदर्शन में दावे एवं आपत्तियों, नोटिस, सुनवाई, दस्तावेजों के सत्यापन तथा मामलों के निष्पादन से संबंधित कार्यों में सहयोग करेंगे. सभी पदाधिकारी आपसी समन्वय स्थापित करते हुए लंबित मामलों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर विधिसम्मत निष्पादन सुनिश्चित करें.
इस अवसर पर राज्य ट्रेनिंग नोडल पदाधिकारी देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह साहित सभी जिलों से अतिरिक्त सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उपस्थित थे.