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रांची/डेस्क: Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार का अपने चुनाव आयुक्तों के साथ कथित मतभेद और एसआईआर फॉर्म 6 में कथित कई अनावश्यक बदलाव की खबरें सामने आने के बाद देश में राजनीति अपने पूरे उबाल पर है. विपक्ष ने अपना राजनीतिक मौका ताड़ते हुए CEC सहित केन्द्र सरकार पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए हैं. विपक्ष ज्ञानेश कुमार के अलावा पिछले कुछ वर्षों में हुए चुनावों को रद्द करने की मांग करने लगा है. इस राजनीति में अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की एंट्री हो गयी है. सीजेपी ने तो ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा देने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया है.
सीजेपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए यह अल्टीमेटम दिया है. पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने यहां तक कहा, कि अगर 48 घंटे के भीतर ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया तो उनकी पार्टी देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी. सीजेपी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा देने तक पीछे नहीं हटेगी.
अभिजीत दीपके ने प्रेस वार्ता में अपनी कुछ मांगें भी रखी हैं-
ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और आपराधिक मामला दर्ज करना
आगामी सभी चुनावों को तत्काल स्थगित करना
एसआईआर प्रक्रिया को फ्रीज करना
जनवरी 2025 की मतदाता सूची को बहाल करना
सीजेपी ने सर्वोच्च न्यायालय भी समान रूप से दोषी मानते हुए एसआईआर से संबंधित सभी फाइलें को तत्काल जब्त करने की भी मांग की है.
तीसरी मांग: भारतीय निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति संबंधी 2023 के कानून को निरस्त किया जाए और एक नया कानून बनाया जाए जो जनता का विश्वास जगाए, जिसमें नागरिक समाज के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी हो।
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