आशिष शास्त्री/न्यूज11 भारत
सिमडेगा/डेस्क: शक्ति की आराधना और आस्था के महापर्व शारदीय नवरात्र को लेकर सिमडेगा में तैयारियां तेज हो गई हैं. महज कुछ दिनों बाद मां दुर्गा की आराधना का नौ दिवसीय पर्व शुरू होने जा रहा है. इस वर्ष नवरात्र को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस बार मातारानी हाथी पर सवार होकर धरती पर आएंगी, जिसे सुख, शांति, ज्ञान और समृद्धि का शुभ संकेत माना जाता है.
प्रिंस चौक शक्ति स्थल के आचार्य श्याम सुंदर मिश्र ने बताया कि इस वर्ष शारदीय नवरात्र की शुरुआत 11 अक्टूबर, रविवार से होगी और 21 अक्टूबर को प्रतिमा विसर्जन के साथ पूजा महोत्सव का समापन होगा. उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्र का विशेष महत्व है. नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है. श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार नौ दिनों तक अथवा प्रथम और अंतिम दिन उपवास रखते हैं.
हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा
आचार्य श्याम सुंदर मिश्र ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार जब नवरात्र की शुरुआत रविवार या सोमवार से होती है, तो मां दुर्गा का आगमन हाथी पर माना जाता है. हाथी को ज्ञान, ऐश्वर्य और समृद्धि का प्रतीक माना गया है. ऐसी मान्यता है कि हाथी पर सवार होकर मां दुर्गा का आगमन देश और समाज में सुख-शांति एवं आर्थिक समृद्धि का संदेश लेकर आता है.
नौ दिनों तक होगी मां के नौ स्वरूपों की आराधना
11 अक्टूबर को आश्विन शुक्ल प्रतिपदा के साथ कलश स्थापना कर शारदीय नवरात्र का शुभारंभ होगा. इसी दिन मां शैलपुत्री की पूजा और चंडी पाठ का शुभारंभ किया जाएगा.
इसके बाद क्रमशः 12 अक्टूबर को मां ब्रह्मचारिणी, 13 अक्टूबर को मां चंद्रघंटा, 14 अक्टूबर को मां कूष्मांडा और 15 अक्टूबर को मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना होगी. 16 अक्टूबर को मां कात्यायनी तथा 17 अक्टूबर को मां कालरात्रि की आराधना की जाएगी.
17 अक्टूबर को नवपत्रिका स्थापना, प्रवेश, प्रतिमा आवरण तथा पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा की पूजा प्रारंभ की जाएगी. 18 अक्टूबर को मां महागौरी और 19 अक्टूबर को मां सिद्धिदात्री की पूजा होगी.
महानवमी पर होगा विशेष अनुष्ठान
19 अक्टूबर को महानवमी के अवसर पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे. सिमडेगा समयानुसार सुबह 6:15 बजे संधि पूजन तथा 6:59 बजे कूष्मांड बलिदान किया जाएगा. इसके बाद महानवमी पूजन और कुमारी पूजन का आयोजन होगा. शाम को मां की आरती और भोग निवेदन किया जाएगा.
विजयादशमी पर सिंदूर खेल और रावण दहन
20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर विशेष पूजा, मंत्रोच्चार, अपराजिता पूजा सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान होंगे. इस दौरान सिंदूर खेल का आयोजन भी किया जाएगा. वहीं शहर के अलबर्ट एक्का स्टेडियम में रावण दहन का आयोजन किया जाएगा.
इसके बाद 21 अक्टूबर को मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के साथ शारदीय नवरात्र एवं दुर्गा पूजा महोत्सव का विधिवत समापन होगा.
नवरात्र को लेकर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पूजा समितियों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. पंडाल निर्माण, सजावट और धार्मिक आयोजनों को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है. मां दुर्गा की भक्ति और जयकारों से आने वाले दिनों में पूरा सिमडेगा भक्तिमय नजर आएगा.
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