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रांची/डेस्क: सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जीतकर झारखंड ने इतिहास रच दिया है. पुणे के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले गये फाइनल मुकाबले में हरियाणा को 69 रनों से चित कर पहली बार इस ट्रॉफी कब्जा किया है. गुरुवार को खेले गये फाइनल मुकाबले में हरियाणा के कप्तान ने टॉस जीतकर झारखंड को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया था. झारखंड ने कप्तान ईशान की शतकीय पारी की मदद से 3 विकेट पर 262 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया, लेकिन हरियाणा के लिए यह स्कोर बड़ा साबित हो गया और टीम 193 रनों पर सिमट गयी.
फाइनल मैच में पहले बल्लेबाजी करने उतरी झारखंड को विराट सिंह (2 रन) के रूप में पहला झटका लगने के बाद कप्तान औरसलामी बल्लेबाज ईशान किशन ने मोर्चा संभाला. उन्होंने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 49 गेंदों में 101 रन ठोंक डाले. उन्होंने अपनी पारी में 6 चौके और 10 बड़े छक्के ठोंके. बाद के बल्लेबाजों में कुमार कुशाग्र ने सिर्फ 38 गेंदों में 81 रन बनाकर हरियाण के गेंदबाजों की अच्छी खबर ली. कुशाग्र ने 8 चौके और 5 छक्के अपनी पारी में लगाये. अनुकूल रॉय 20 गेंदों में नाबाद 40 रन और रोबिन मिंज ने 14 गेंदों में नाबाद 31 रन जड़ कर हरियाणा की हालत पतली कर दी. झारखंड ने 20 ओवरों में 3 विकेट खोकर 262 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर लिया. हरियाणा के लिए सुमित कुमार, अंशुल कंबोज और सामंत जाखड़ को एक-एक विकेट मिले।
बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी हरियाणा की टीम पहले ओवर में दो अहम बल्लेबाजों के विकेट गंवा कर दबाव में आ गयी. झारखंड ने मिली इस शुरुआती बढ़त को अंत तक बनाये रखा और 18.3 ओवरों में हरियाणा को 193 रनों पर समेट कर पहली बार खिताब पर कब्जा कर लिया. हरियाणा के लिए यशवर्धन दलाल ने 22 गेंदों में 53 रन और निशांत सिंधू ने 15 गेंदों में 31 रन बनाए. सामंत जाखड़ ने 17 गेंदों में 38 रनों की पारी खेली. झारखंड के सुशांत मिश्रा और बालकृष्णा सबसे सफल गेंदबाज रहे, उन्होंने हरियाणा के 3-3 बल्लेबाजों को आउट किया. विशाल सिंह और अनुकूल राय ने 2-2 विकेट झटके. इस तरह इन धुरंधरों के धुरंधर प्रदर्शन से झारखंड को ऐतिहासिक जीत मिल गयी.
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