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जमुआ/डेस्क: मन में भक्ति है तो शक्ति खुद आ जाती है. कांटी की बनी चौकी पर लेट कर सीने पर कलश रखकर कर रही है नवरात्र दैविक गीतों से क्षेत्र भक्तिमय हो गया है. यह वाक्या गिरिडीह जिले के जमुआ प्रखंड अंतर्गत भंडरो गांव की है. जहां 14 वर्षीय कुमारी कन्या सोनी कुमारी जो अन्र पानी के बिना रहते हुए काटे की चौकी पर लेट कर सीने पर कलश रखकर मां की आराधना कर चैती नवरात्र कर रही है.
अन्न पानी के बिना रहते हुए अपने सीने पर कलश रखकर मां के आराधना में लीन है. वहीं चैती नवरात्रा के दिन से हीं काटे की चौकी पर ही सोई रहना एवं सीने पर कलश रख कर पूरे नवरात्र तक व्रत करना एक बहुत हीं कठिन अनुष्ठान है. आस पास के लोग जानकारी मिलते हीं आशीर्वादी मांगने के लिए लोगो का भीड़ उमड़ रही है. यह कठिन तपस्या कलश स्थापना के दिन से ही शुरू की गई है. जो पूरे नवरात्रि तक अनवरत चलता रहेगा.
यहां तक कि कन्या काटे के बनाया गया झुला पर भी झूलती है. बताया जाता है कि भंडारों के निवासी राजू राणा के छः बच्चे में सबसे छोटी 14 वर्षीय पुत्री सोनी कुमारी है। माता पिता बताते हैं कि सोनी कुमारी को पूजापाठ करने का जिज्ञासा पिछले साल से ही जगी थी. फिलहाल सोनी इंटर में पढ़ाई कर देवी देवताओ की पूजा पाठ करने में ज्यादा मन लगाती थी. इस अनुष्ठान के दौरान माँ गीता देवी देख भाल दामोदर पाण्डेय के द्वारा वैदिक रूप से पूजा पाठ किया जा रहा है.