आर्यन श्रीवास्तव/न्यूज़11 भारत
कोडरमा/डेस्क: कोडरमा में इस बार की रामनवमी अपने आप में खास होगी. शौर्य प्रदर्शन के दौरान पुरुषो के साथ महिलाएं और युवतियां भी लाठी और तलवार भांजती नजर आएंगी. इसे लेकर जोर-शोर से तैयारी की जा रही हैं. प्रशिक्षण लेकर महिला शक्ति न सिर्फ रामनवमी में प्रदर्शन के लिए तैयार हो रही है बल्कि आत्मरक्षा की ओर प्रेरित हो रही हैं. झांसी की रानी अखाड़ा समिति के द्वारा कोडरमा के झुमरी तिलैया में महिलाओं को लाठी और तलवारबाजी में पारंगत बनाया जा रहा है. 8 साल से लेकर 70 साल की 50 से ज्यादा महिलाएं, युवतियां और बच्चियां यहां प्रशिक्षण ले रही है ताकि आत्मरक्षा के साथ रामनवमी में शौर्य प्रदर्शन के लिए खुद को तैयार कर सके. प्रशिक्षण ले रही महिलाओं ने बताया कि इस उम्र में भी वे प्रशिक्षण लेकर वे दूसरी महिलाओं और युवतियों को इसके प्रति प्रेरित कर रही है, क्योंकि आज इस तरह का प्रशिक्षण सभी के लिए जरूरी हैं.आत्मरक्षा और आत्मविश्वास के लिए यह प्रशिक्षण काफी मायने रखता है.
वहीं झांसी की रानी अखाड़ा समिति की अध्यक्ष और प्रशिक्षक योगाचार्य सुषमा सुमन ने बताया कि आमतौर पर रामनवमी में पुरुष ही शौर्य प्रदर्शन किया करते थे, लेकिन अब कोडरमा में एक नई परंपरा की शुरुआत की जा रही है, जिसके जरिए मातृ शक्ति इस बार रामनवमी में शौर्य प्रदर्शन कर शौर्य पताका लहराएंगी. उन्होंने कहा कि आज के समय में इस तरह का प्रशिक्षण हर किसी के लिए जरूरी है, ताकि संघर्षों से मुकाबला करने के लिए महिलाओं को किसी पर आश्रित रहना ना पड़े. पिछले एक सप्ताह से हर सुबह 5 से 7 बजे तक यह महिलाएं और युवतियां इसी तरह लाठीबाजी और तलवारबाजी का प्रशिक्षण हासिल कर रही है, ताकि आने वाली मुसीबत से मुकाबला आत्मविश्वास के साथ किया जा सके.