अमित दत्ता/न्यूज11 भारत
बुंडू/डेस्कः- तमाड़ पश्चिमी पंचायत के पूर्व मुखिया रमेश कुमार मुंडा ने क्षेत्र की जनता से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं को लेकर बुंडू अनुमंडल पदाधिकारी को एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा. उन्होंने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से आवश्यक कदम उठाने की अपील की है, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके और सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता व गति लाई जा सके.
पूर्व मुखिया मुंडा ने मांग पत्र के माध्यम से चार प्रमुख समस्याओं को उठाया:
1. सरकारी कार्यालयों में सेवा की नियमितता:
उन्होंने कहा कि बुंडू अनुमंडल अंतर्गत सभी सरकारी कार्यालयों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक जनता के कार्यों के लिए सेवा सुनिश्चित की जाए. वर्तमान में कई कार्यालयों में समय पर कर्मचारी नहीं रहते हैं, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
2. निजी विद्यालयों में मनमानी शुल्क वसूली पर रोक:
मुंडा ने बुंडू अनुमंडल क्षेत्र के सभी निजी विद्यालयों में पुनः नामांकन (Re-admission) एवं वार्षिक शुल्क (Annual Fees) के नाम पर की जा रही अनियमित वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि शिक्षा एक अधिकार है, न कि व्यापार. गरीब परिवारों के बच्चों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से बचाने के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए.
3. प्रत्येक पंचायत में आधार केंद्र खोलने की मांग:
उन्होंने सुझाव दिया कि बुंडू और तमाड़ प्रखंडों के प्रत्येक पंचायत भवन में आधार केंद्र खोले जाएं. वर्तमान में सीमित आधार केंद्रों के कारण ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है और कई बार तकनीकी दिक्कतों के चलते उन्हें बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं.
4. कार्यालयों में कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी:
मांग पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि अधिकांश सरकारी कार्यालयों में आम जनता के कार्य सुगमता से संपन्न नहीं हो रहे हैं. इससे जनता में असंतोष और अविश्वास की भावना बढ़ रही है.
पूर्व मुखिया रमेश कुमार मुंडा ने स्पष्ट किया कि उपरोक्त सभी मुद्दे सीधे तौर पर आम जनता के जीवन से जुड़े हैं. उन्होंने प्रशासन से अपील की कि इन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए.
मांग पत्र प्राप्त करने के बाद अनुमंडल पदाधिकारी ने इस पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया. इस पहल को लेकर क्षेत्र की जनता में आशा जगी है कि अब उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा और जल्द समाधान होगा.